फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lakhimpur Kheri News: लापता मासूम का शव चार घंटे बाद पुलिया के नीचे नाले में मिला

Sun, 02 Aug 2026 11:07 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
विज्ञापन
शुभ शर्मा। फाइल फोटो
विज्ञापन
निघासन (खीरी)। बेलरायां इलाके के गांव भेड़ौरी में रविवार सुबह लापता हुए दो वर्षीय बच्चे शुभ शर्मा का शव करीब चार घंटे बाद घर के पास नाले की खुली पुलिया में फंसा मिला। तिकुनिया थाना पुलिस प्रथम दृष्टया डूबने से मौत होना मान रही है।
विज्ञापन

बेलराया-कड़िया मार्ग पर पीडब्ल्यूडी की इस पुलिया पर किनारे कोई सुरक्षा दीवार नहीं है। यदि हादसा ही हुआ है तो उसकी एक बड़ी वजह पुलिया का खुला होना रहा।
शुभ अपनी मां अंजली के साथ उनके मायके में बंगलाहा कुटी में रहता था। मोतीपुर निवासी अंकित शर्मा से तीन साल पहले शादी होने के बाद पारिवारिक विवाद के चलते अंजली मायके में आकर रहने लगी थीं। वहां से दो-तीन दिन पहले अंजली भेड़ौरी गांव में अपनी ननिहाल आई थीं। रविवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे शुभ घर के बाहर खेलते समय लापता हो गया। काफी तलाश के बाद न मिलने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी।
विज्ञापन

पहले डायल-112 पुलिस, फिर तिकुनिया थाना प्रभारी अवनीश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस और ग्रामीणों की तलाश के दौरान घर से 10-12 मीटर दूर ही पुलिया के नीचे पानी में शुभ का शव मिला।
सीओ शिवम कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया नाले में गिरकर डूबने से मौत की आशंका है। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-
पहले पति ने छोड़ा साथ, अब इकलौता बेटा भी बिछड़ गया, बिलखती मां बोली- अब किसके सहारे जिऊंगी
दो वर्षीय मासूम शुभ की मौत ने उसकी मां अंजलि से जीने का आखिरी सहारा भी छीन लिया। पति से अलगाव के बाद अंजलि करीब एक वर्ष से मायके में रह रही थी। उसे उम्मीद थी कि उसका इकलौता बेटा ही उसके जीवन का सहारा बनेगा, लेकिन रविवार को खुली पुलिया में गिरने से उसकी मौत हो गई।

रविवार को शुभ खेलते-खेलते घर के बाहर निकला और सड़क किनारे बनी खुली पुलिया में गिर गया। घंटों तलाश के बाद उसका शव पुलिया के दूसरी ओर पानी में मिला। बेटे का शव देखते ही अंजलि बेसुध हो गई। वह बिलखते हुए बार-बार कहती रही, पहले पति ने साथ छोड़ दिया, अब मेरा बेटा भी मुझे छोड़कर चला गया... अब मैं किसके सहारे जिऊंगी?
हादसे के बाद पूरे गांव में मातम छा गया। ग्रामीणों का कहना था कि यदि पुलिया पर सुरक्षा दीवार या रेलिंग होती तो शायद शुभ की जान बच सकती थी। लोगों ने इसे सुरक्षा व्यवस्थाओं में लापरवाही का परिणाम बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें