ओयल। लखीमपुर महोत्सव के चाैथे दिन बृहस्पतिवार की शाम ओयल के प्राचीन मेंढक मंदिर परिसर में भव्य समापन समारोह का आयोजन किया गया। गीत-संगीत और नाटक मंचन से कलाकारों ने समा बांध दिया। लोकगीत गायक सतीश निर्गुण के गीत ''तुम्हरा के बजे बधाई'' गीत पर लोग झूम उठे। इसके अलावा लोकगीत, लोकनृत्य व नाटक मंचन की अन्य प्रस्तुतियों ने लोगों का मन मोह लिया।
परिसर में सजाए गए भव्य मंच पर सदर विधायक योगेश वर्मा, राज परिवार से कुंवर पीएनडी सिंह, रानी मधुरिमा सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिभा गौतम, एसडीएम सदर अश्वनी कुमार व अपर पुलिस अधीक्षक पवन कुमार गौतम ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद लोकगीत गायक सतीश निर्गुण ने अपने गीतों ''तोहरा संग जाई... अवे के बिरिया सब कोई जाने, तुम्हरा के बजे बधाई, जाते के बेरिया केहू न जाने व हंस अकेला उड़ा जावे'' आदि आदि से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
लोक गीत रेलिया बैरन पिया को लिए जाए रे... की मनमोहक प्रस्तुति लोकगीत गायिका मुस्कान ने दी। इसके बाद संस्कृति विभाग के आनंद अग्निहोत्री की टीम के कलाकारों ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के संदेश से ओतप्रोत नाटक का मंचन किया। नाटक की प्रस्तुति देख दर्शक दीर्घा में बैठे लोग मंत्रमुग्ध हो गए। अन्य कार्यक्रमों में शिव तांडव और विभिन्न लोकनृत्य की प्रस्तुतियां भी लोगों को खूब भाईं। इस दौरान नगर पंचायत के ईओ ऋषिकेश वर्मा समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
जिले में पहली बार हुआ महोत्सव
जनपद में प्रथम बार पर्यटन एवं संस्कृति विभाग व जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में लखीमपुर महोत्सव का आयोजन किया गया। पहले दिन 25 नवंबर को दुधवा टाइगर रिजर्व के पर्यटन परिसर में महोत्सव का आगाज किया गया था। उसी दिन शाम को लखीमपुर शहर के जीआईसी मैदान में बॉलीबुड गायक बी प्राक का कार्यक्रम हुआ। दूसरे दिन गोला के निकट कोटवारा में, तीसरे दिन 27 नवंबर को गोला के स्व. राजेंद्र गिरि स्टेडियम में सांस्कृतिक आयोजन हुए। समापन कार्यक्रम ओयल में हुआ।