पलिया में सुहेली नदी सफाई की मांग को लेकर चल रहा धरना। संवाद
पलियाकलां। सुहेली नदी की डिस्टलिंग और नकहुआ पुल नाले की सफाई की मांग को लेकर किसानों का धरना शनिवार को सातवें दिन भी जारी रहा। प्रशासन ने नदी की डिस्टलिंग और सफाई के लिए 86.76 लाख रुपये स्वीकृत होने की जानकारी दी, लेकिन किसानों ने सवाल उठाते हुए कहा कि यह धनराशि सफाई के बजाय सर्वे के लिए है।
शनिवार सुबह एसडीएम पुष्पक तोमर, तहसीलदार, सीओ शिवम कुमार सिंह और वन विभाग के अधिकारी धरनास्थल पहुंचे। उन्होंने किसानों से वार्ता कर धरना समाप्त करने की अपील की। किसानों ने सवाल उठाया कि यदि यह राशि सफाई के लिए है तो इससे सुहेली नदी की समुचित डिसिल्टिंग कैसे होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन केवल आश्वासन देकर धरना समाप्त कराना चाहता है।
किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। आंदोलन को अखिल भारतीय किसान महासभा ने भी समर्थन दिया है। महासभा के पदाधिकारियों ने बताया कि 13 अक्तूबर को करीब 50 बाइकों की रैली के साथ लगभग 200 लोग धरनास्थल पहुंचकर आंदोलन में शामिल होंगे। किसानों ने चेतावनी दी कि मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो वे भूख हड़ताल शुरू करेंगे।
तैयारी अभी से शुरू करें : रोमी साहनी
पलियाकलां। सुहेली नदी की डिसिल्टिंग की मांग को लेकर धरने पर बैठे किसानों की समस्या के समाधान के लिए विधायक रोमी साहनी ने शनिवार को अपने पलिया स्थित आवास पर अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें दुधवा के डिप्टी डायरेक्टर, दुधवा रेंजर, एसडीएम पलिया, तहसीलदार पलिया, सीओ पलिया और इंस्पेक्टर पलिया समेत संबंधित अधिकारी शामिल हुए।
विधायक ने अधिकारियों से सुहेली नदी की डिसिल्टिंग का अध्ययन करने वाली टीम को जल्द बुलाने और उसके आने व नदी का अध्ययन करने की तारीख तय करने को कहा। उन्होंने कहा कि किसान अपनी मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। जब तक अध्ययन टीम मौके पर आकर नदी का अध्ययन नहीं करेगी, तब तक किसानों का धरना समाप्त नहीं होगा।