पलिया ब्लाक के थारू जनजाति वाले चार गांवों में शिल्प केंद्र बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इनमें कजरिया, छेदिया पूरब, गोबरैला और पचपेड़ा शामिल हैं। प्रशासन ने प्रस्ताव को मंजूरी के लिए शासन को भेजा है। उम्मीद है कि थारू शिल्प केंद्र को भी जल्द मंजूरी मिल जाएगी।
बता दें कि अभी हाल में ही प्रशासन की कार्ययोजना को शासन से मंजूरी मिलने के बाद केंद्र सरकार से 1.23 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ है। इसमें से 72.42 लाख रुपये आहरित भी कर दिया गया है। थारू शिल्प ग्राम के लिए बजट जारी होने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि कजरिया, छेदिया पूरब, गोबरौला और पचपेड़ा गांव में थारू शिल्प केंद्र बनाने के प्रस्ताव को भी जल्द मंजूरी मिल जाएगी। सीडीओ नितिश कुमार ने बताया कि इंडो-नेपाल सीमा पर बैलहा और चंदनचौकी में पहले से ही शिल्प केंद्र है। इसके अलावा इन चारों गांवों में शिल्प केंद्र बनाने का प्रस्ताव बनाया गया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद गांवों में थारूओं के लिए सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।