लखीमपुर खीरी। राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला जज माउजबिन आशिम के निर्देशन में बड़ी संख्या में लंबित मामले सुलह-समझौते और जुर्म इकबाल के आधार पर निस्तारित किए गए। इसमेें 205 पारिवारिक मामलों को निपटाया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को सिविल कोर्ट परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश भगवान दयाल भारती ने 62, प्रथम अपर प्रधान न्यायाधीश संध्या चौधरी ने 51 और तृतीय अपर प्रधान न्यायाधीश पूजा विश्वकर्मा ने 92 पारिवारिक विवादों को सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित किया।
जिला मोटर वाहन दुर्घटना दावा अधिकरण के जिला जज सुनील वर्मा ने वाहन दुर्घटना के 74 मामलों का बीमा कंपनियों से मुआवजा दिलाकर निपटारा कराया। वहीं एफडीआर और चेक रिलीज के 39 प्रकीर्ण मामलों का निपटारा किया गया। इन मामलों में पीड़ित परिजनों को चार करोड़ 72 लाख 77 हजार 675 रुपये की मुआवजा राशि दिलाई गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव योगेश यादव ने बताया कि आउट लाइन निघासन, गोला व मोहम्मदी की न्यायिक अदालतों के साथ स्थायी लोक अदालत किशोर न्याय बोर्ड, जिला उपभोक्ता विवाद निपटारा आयोग और विभिन्न तहसीलों में आयोजित लोक अदालतों में बड़ी संख्या में विवादों का निस्तारण किया गया।