ममरी। मंगलवार सुबह देवीपुर बीट जंगल से निकलकर एक किमी दूर रायपुर गांव जा पहुंचे तेंदुआ ने शिवचरन के दरवाजे पर खूंटे से बंधी बछिया पर हमला कर गंभीर घायल कर दिया। बछिया रंभाने पर जागे घर वालों के शोर मचाने पर तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया।
गांव वालों की सूचना पर पहुंचे फॉरेस्टर रामप्रसाद, वाचर बेचेलाल ने मौका मुआयना कर बछिया को घायल करने, तेंदुए के पगचिह्न मिलने की पुष्टि कर बताया कि मिले पगचिह्नों के आधार पर तेंदुआ जंगल में चला गया है, फिर भी गांव वालों से पशुओं को बाड़े के भीतर बांधने की सलाह दी है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले बाघ ने एक बैल, एक गाय को अपना निवाला बना लिया था।
जंगल से काफी दूर गोला वन रेंज क्षेत्र के गांव अहमद नगर में साईं धाम के पीछे मूड़ा सरकटा मार्ग पर स्थित सुशील अग्रवाल के खेत में बाघ के पग चिह्न पाये गए हैं। जिससे ग्रामीणों में दहशत है। जंगल से काफी दूर इलाका होने पर आसपास गांव के लोग भयभीत है।