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कटान का कहर: लखीमपुर खीरी में शारदा नदी में समाया मंदिर, किसानों की जमीन भी जद में; देखें वीडियो

Wed, 30 Sep 2026 12:48 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

लखीमपुर खीरी जिले में बुधवार सुबह शारदा नदी की तेज कटान से रूरा सुल्तानपुर गांव में एक मंदिर नदी में समा गया। मात्र 10 सेकंड में मंदिर के समाने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों के अनुसार, पहले वीर बाबा मंदिर भी नदी में समा चुका है।
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शारदा नदी में समाया मंदिर - फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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लखीमपुर खीरी के गोला तहसील क्षेत्र के रूरा सुल्तानपुर गांव में शारदा नदी की कटान एक बार फिर तेज हो गई है। बुधवार सुबह कटान से माता जी मंदिर नदी में समा गया। ग्रामीणों ने इसका वीडियो बना लिया। मात्र 10 सेकंड में पूरा मंदिर नदी में समाय गया। मंदिर के नदी में समा जाने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

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ग्रामीणों के मुताबिक, शारदा नदी लगातार गांव की ओर कटान कर रही है। इससे पहले नदी की कटान की चपेट में आने से वीर बाबा मंदिर भी नदी में समा चुका है। अब माता जी मंदिर के भी नदी में समाने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
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कटान से ग्रामीणों के सामने अपने आशियाने और बची हुई जमीन को सुरक्षित रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कटान इसी तरह जारी रही तो आने वाले समय में आसपास के क्षेत्र को भी नुकसान पहुंच सकता है। ग्रामीण नदी की कटान रोकने के लिए प्रभावी इंतजाम किए जाने की मांग कर रहे हैं।

शारदा के कटान के आगे बचाव परियोजना बेबस
बिजुआ ब्लॉक के बझेड़ा में शारदा नदी का कटान अब कटानरोधी परियोजना तक पहुंच गया है। सोमवार रात परियोजना का करीब 15 फुट हिस्सा कटकर शारदा में समा गया। बचाव के लिए बनाई गई परियोजना के क्षतिग्रस्त होने से आसपास के गांवों और खेतों पर खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों में इससे दहशत है कि नदी का कटान इसी तरह रहा तो बचाव व्यवस्था का बड़ा हिस्सा भी इसकी चपेट में आ सकता है।

ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो दिनों से नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है और किनारों पर तेजी से कटान हो रहा है। बझेड़ा में परियोजना का हिस्सा टूटने के बाद अब नदी की दिशा में आगे कटान बढ़ने की आशंका है। इससे कृषि भूमि के साथ बझेड़ा, कुंअरपुर कलां, रेवतीपुरवा, रमेश्वरापुर और रैनागंज समेत आसपास के गांवों पर खतरा मंडरा रहा है। 

विभाग फिलहाल जलस्तर कम होने का इंतजार कर रहा है, जबकि ग्रामीणों के सामने कटान बढ़ने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने तत्काल मौके पर निगरानी बढ़ाने और कटान की स्थिति पर लगातार नजर रखने की मांग की है। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता अजय कुमार ने बताया कि स्थिति सामान्य है। जो कटान वाली बात कहीं जा रही है, वह 15 दिन पुरानी घटना है। हमारी पूरी टीम निगरानी में लगी है।
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गांव घोसियाना में लोहिया आवास सहित पांच घर नदी में समाए 
तहसील सदर के ग्राम पंचायत जंगल न.11 के मजरा घोसियाना में इन दिनों शारदा नदी तेजी से कटान कर रही है। पिछले चार दिनों में एक लोहिया आवास सहित पांच घर नदी में समा गए हैं। गांव घोसियाना में कच्चे और पक्के करीब 80 घर और 300 के आसपास आबादी है। यह गांव शारदा नदी पार खैर के जंगल किनारे बसा है। 

गांव निवासी गफ्फार, सत्तार, मोबीन, तकदीर आलम और सरीफा पत्नी पप्पू का लोहिया आवास शारदा की तेज धार में कट गया। गांव के  मजीद, जियाउद्दीन, गुड्डू, अलीशेर, रियासत, जाफर और तकदीर आलम ने बताया कि बाढ़ के दिनों में गांव से निकलने का एक मात्र जरिया नाव है।
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