धौरहरा। घाघरा नदी के तेज कटान से ईसानगर के तेलियनपुरवा मजरा चकदहा का अस्तित्व खतरे में है। गांव के कई घर नदी में समा चुके हैं, जबकि कई अन्य कटान की जद में हैं। करीब 200 की आबादी और 40 घरों वाले इस गांव में ग्रामीण अपने आशियाने बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं।
किसान नोखे लाल पुत्र रामरूप के धान के खेत के आसपास भी कटान का खतरा बना हुआ है। इससे पहले यूसुफ, इस्राइल, रत्तीलाल, सहाबू, कल्लू, मुकीम, गुलजार और शकील के घर नदी में समा चुके हैं। वहीं, इलियास, मोहब्बत, फारुख, सगीर, इमामुन, सब्बीर, मुलाऊ, अतीक और वारिश के घर कटान की जद में हैं।
बेघर हुए ग्रामीण गांव के पास त्रिपाल के नीचे रहने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने उन्हें राहत सामग्री नहीं दी। गांव के कल्लू खां ने बताया कि उपजाऊ जमीन कटने के बाद अब घर नदी में समा रहे हैं, लेकिन राहत नहीं मिली। आरिफ ने कहा कि कोई जनप्रतिनिधि या अधिकारी गांव नहीं आया और सहायता के नाम पर कुछ नहीं मिला।
बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता अजय कुमार ने बताया कि कटान रोकने के लिए फ्लड फाइटिंग चल रही है। नदी में अधिक गहराई होने के कारण कटान रोकने में दिक्कत आ रही है।
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तेलियनपुरवा गांव में कटान की सूचना पर लेखपाल को मौके पर भेजा गया है। सर्वे के बाद सभी को सरकारी सहायता दी जाएगी।
-राशी कृष्णा, एसडीएम, धौरहरा