घायल की हालत में हुआ सुधार
विस्फोट का मामला
गजरौरा गांव में शुक्रवार को हुए विस्फोट में मृतक किशोर का शव शनिवार की देर रात जब उसके घर पहुंचा तो परिवार में चीख पुकार मच गई। रात में ही उसके शव की गमगीन माहौल में की अंत्येष्टि कर दी गई। उधर लखनऊ में भर्ती घायल अरुण की हालत में तेजी से सुधार हुआ है।
बतादें कि दो दिन पहले गजरौरा के बासठ एकड़ गांव निवासी धर्मपाल का 17 वर्षीय पुत्र विमलेश और गांव के ही राम अवतार का 17 वर्षीय पुत्र अरुण गांव घास काटने गए थे। इस दौरान उनका हंसिया एक बमनुमा सामग्री से टकरा गया और तेज धमाका हुआ था। धमाके में विमलेश की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि अरुण गंभीर रूप से घायल हो गया था। शनिवार की देर रात मृतक विमलेश का शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा तो घर में चीख पुकार मच गई। गमगीन माहौल में रात में ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। उधर घटना में घायल अरुण को जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर कर दिया गया था। लखनऊ में उसकी हालत में कुछ सुधार हुआ है। हालांकि होठों में चोट लगने के बाद टांके लगा दिए जाने की वजह से वह कुछ भी बोल नहीं पा रहा है। उसके साथ मौजूद बीडीसी सदस्य प्रदीप गुप्ता ने फोन पर उसकी हालत के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संभवत: छुट्टी के बाद मंगलवार को उसे वापस घर लाया जाएगा। उसके आने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।
विधायक ने परिजनों को दी सहायता राशि
विधायक रोमी साहनी ने गांव पहुंचकर मृतक और घायल के परिजनों से अलग-अलग मुलाकात की। उन्होंने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने, विस्फोटक रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा भी लोगों को दिलाया है। विधायक ने दोनों के परिजनों को दस-दस हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी दी है।
सादी वर्दी में घूमेंगें पुलिसकर्मी
एसओ विपिन कुमार सिंह ने बताया कि सादी वर्दी में लगभग चार से पांच पुलिसकर्मी गांव में ही घूमेंगे। वह यह पता लगाएंगे कि विस्फोट की क्या वजह है। उन्होंने बताया कि इस बारे में किसी को भी बताया नहीं गया है तथा इस मामले का जल्द खुलासा करना भी पुलिस के लिए जरूरी है।