गोला रेंज में बीस दिन के अंतराल में चार कैमरे हुए चोरी
बाघ गणना के लिए गोला रेंज में लगाए गए 11 कैमरों में बीस दिनों के अंतराल में चार कैमरे चोरी होने की घटना को वन विभाग ने गंभीरता से लिया है। विभागीय जांच में कैमरे चोरी के मामले में कर्मचारियों की लापरवाही उजागर हुई है। डीएफओ अखिलेश पांडे ने बताया, कर्मचारियों से कैमरों की कीमत वसूली जाएगी।
दक्षिण खीरी वन प्रभाग में बाघों की गणना के लिए मैलानी, भीरा, मोहम्मदी और गोला रेंजों में कैमरे लगाए गए हैं। गोला रेंज में लगे 11 कैमरों में से 18 मार्च को गोला पश्चिम से दो और 6 अप्रैल को सिकंदरपुर बीट में चोरी हुए दो कैमरों को मिलाकर कुल चार चोरी हो गए। जंगल गश्त के दौरान कैमरा चोरी होने का पता चला। वन क्षेत्राधिकारी गोला उमेश चंद राय ने गोला कोतवाली में अज्ञात लोगों के खिलाफ केमरे चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज करा दी। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहयोग से लगाए गए कैमरों की चोरी को वन विभाग ने गंभीरता से लिया है। प्रथम दृष्टया जांच में कैमरा चोरी होने के मामले में फील्ड कर्मचारियों की लापरवाही उजागर हुई है। डीएफओ अखिलेश पांडे ने बताया कि संबधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी की गई है। कहा कि चोरी हुए कैमरों की कीमत उनसे वसूली जाएगी। उन्होंने बताया कि जंगल के अंदर बाघों की गणना के लिए लगाए जाने वाले एक कैमरे की कीमत पंद्रह हजार के लगभग होती है।
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जंगल में लगे दो कैमरे चोरी
गोला गोकर्णनाथ। गोला वन रेंज के सिकंदरपुर बीट के आरक्षित वन क्षेत्र में वन्य जीवों की गणना की जानकारी के लिए लगे दो कैमरे चोरी हो गए, जिसकी रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज कराई गई।
गोला रेंज के वन बीट प्रभारी मिठाईलाल ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि सिकंदरपुर बीट के आरक्षी वन क्षेत्र के बरौंछा कक्ष संख्या सात के प्रथम श्रेणी मार्ग पर वन्य जीवों की जानकारी के लिए आठ मार्च को दो कैमरे लगाए गए थे। छह अप्रैल को जब वह सुबह छह बजे सामान्य गश्त के दौरान वहां पहुंचे तो देखा कि जंजीर का ताला काटकर चोरों ने दोनों कैमरे चोरी कर लिए। पुलिस ने वनबीट प्रभारी की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है। 18 मार्च को वन रेंज की बिलेहरी बीट से भी दो कैमरे इसी तरह चोरी हो चुके हैं। चोरों को अभी तक कोई सुराग नहीं लग सका है।