प्रति बच्चा चार रुपये की दर से मिला बजट
प्रत्येक सोमवार को दिए जाएंगे फल
मध्याह्न भोजन योजना के तहत स्कूलों में प्रत्येक सोमवार को बच्चों को एमडीएम के अलावा ताजे फल वितरित किए जाएंगे, जिसके लिए सभी स्कूलों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। फल वितरण की शुरुआत का पहला दिन होने के कारण डीएम आकाश दीप ने सोमवार को फल वितरण के भौतिक सत्यापन के लिए एडीएम और डीपीआरओ को जिम्मेदारी सौंपी हैै। चार रुपये प्रति बच्चे की दर से फल खरीदने के लिए व्यय किया जाएगा। इससे पहले प्रत्येक बुधवार को बच्चों को दूध का वितरण कराया जा रहा है, जिसमें प्रति बच्चा 3.81 रुपये व्यय हो रहा है।
मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के निदेशक ने सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और प्रधानों को निर्देश जारी किए हैं। पहले से बच्चों को मिड-डे-मील और प्रत्येक बुधवार को दूध का वितरण किया जा रहा है। अब गर्मियों की छुट्टी के बाद बच्चों को ताजे फल की सौगात मिलने वाली है। मीनू के मुताबिक मिड-डे-मील मिलेगा ही और सोमवार को ताजे फल का स्वाद बच्चे चख पाएंगे। सोमवार को वितरण के लिए एक दिन पहले यानी रविवार की शाम तक ताजे फल खरीदने के निर्देश हैं। बच्चों को समूचा फल दिया जाएगा, क्योंकि कटा हुआ फल वितरित नहीं किया जाएगा। इन फलों को धुलाने की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक को सौंपी गई है। फल वितरण की अलग कैशबुक बनेगी, जिसमें बच्चों की उपस्थिति और उन्हें वितरण किए गए फल का ब्योरा रहेगा। प्रधानाध्यापक और प्रधान के संयुक्त हस्ताक्षर से संचालित एमडीएम के खाते में ही फल वितरण की धनराशि बीएसए कार्यालय से भेजी गई है।
एमडीएम खाते में नहीं पहुंची धनराशि
बच्चों को ताजे फल वितरण के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने बीईओ के माध्यम से शिक्षकों को निर्देश जारी कर दिए, लेकिन विद्यालयों के एमडीएम खाते में धनराशि अभी नहीं पहुंची हैै। बिजुआ के बीईओ अनुराग मिश्रा ने बताया कि जिला स्थित परियोजना कार्यालय से एमडीएम खातों को धनराशि भेजी जा चुकी है। बैंकों ने पोस्टिंग में देरी की होगी। सभी स्कूलों में फल वितरण के संदेश को दर्शाते बैनर भी लगाए जाएंगे।
वितरण में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
डीएम आकाश दीप ने भौैतिक सत्यापन करने वाले कर्मचारियों से 20 जुलाई 2016 तक रिपोर्ट बीएसए को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, जिसमें फल वितरण न करने वाले विद्यालयों का ब्योरा दिया जाएगा। यह रिपोर्ट 25 जुलाई तक एमडीएम प्राधिकरण को भेजी जाएगी। साथ ही ऐसे विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए बीएसए को निर्देश दिए हैं।
जिले पर फल वितरण के लिए धनराशि देर से प्राप्त हुई, लेकिन सभी विद्यालयों को धनराशि भेजी जा चुकी है। वैसे भी एमडीएम खाते में पहले से धनराशि पड़ी हुई है, जिसका उपयोग फल खरीदने में कर सकते हैं।
- सुरेश पाल, बीईओ मुख्यालय