प्राथमिक विद्यालयों में साफ-सफाई और विद्यार्थियों का ज्ञान अब गुरुजी को
सम्मान दिलाएगा। प्राथमिक शिक्षा के गिरते स्तर को सुधारने की पहल करते हुए
डीएम गौरव दयाल ने उत्कृष्ट शिक्षा मुहिम प्रारंभ करने का निर्णय किया है।
इसके तहत प्रत्येक दो माह के अंतराल पर जनपद के समस्त विद्यालयों का सघन
निरीक्षण किया जाएगा। कई मदों में विद्यालयों को अंक प्रदान करते हुए
ग्रेडिंग की जाएगी।
विद्यालयों में बच्चों से कविता, कहानी, पहाड़े,
अंकों का ज्ञान, गद्य और पद्य पढ़वाकर सुने जाएंगे। तो स्कूल परिसर की
साफ-सफाई, रंगाई-पुताई, फुलवारी, लाइब्रेरी आदि के लिए अलग-अलग अंक दिए
जाएंगे। इसके आधार पर प्राथमिक विद्यालयों की ब्लाकवार और जनपद स्तर पर
रैंक दी जाएगी। ग्रेडिंग (मूल्यांकन) करते समय शिक्षा के स्तर और मूलभूत
सुविधाओं पर समान रूप से ध्यान केंद्रित किया जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी
/एबीआरसी /एनपीआरसी द्वारा निरीक्षण और मूल्यांकन किया जाएगा। यह प्रत्येक
दो माह के अंतराल में कार्य को व्यवस्थित ढंग से पूर्ण करते हुए रिपोर्ट
बीएसए को देंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ब्लाकवार निरीक्षण के लिए
रोस्टर जारी करेंगे।
अलग-अलग होंगे प्रश्नपत्र
शिक्षा की
गुणवत्ता के मूल्यांकन के लिए कई प्रकार के सवालों को शामिल करते हुए 15
प्रश्नपत्र तैयार किए जाएंगे। इन्हें समस्त 15 ब्लाकों के मध्य प्रत्येक दो
माह में रोटेट किया जाएगा। प्रश्नपत्र तैयार करने की जिम्मेदारी बीएसए को
सौंपी गई है। प्रत्येक ब्लाक के समस्त विद्यालयों के निरीक्षण के आधार पर
मूल्यांकन कर अंक प्रदान किए जाएंगे। ब्लाक और जनपद स्तर पर सबसे अच्छे 10
विद्यालय और सबसे खराब 10 विद्यालयों की सूची तैयार की जाएगी।
डीएम गौरव दयाल ने बताया कि प्रथम
चरण के निरीक्षण जनवरी 2015 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। जबकि
द्वितीय चरण के निरीक्षण 31 मार्च 2015 तक पूर्ण कर लिए जाएंगे। इस मुहिम
में लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। इसकी बराबर मानीटरिंग की जाएगी।