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जरा संभल कर चलें जनाब..बड़ी बेदर्द हैं ये सड़कें

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लखीमपुर खीरी। जनपद में खस्ताहाल सड़कें जानलेवा सबित हो रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी अधिकतर मुख्य मार्ग और पुलियों की हालत खराब है। सड़क के गड्ढों में बारिश का पानी भरने से लोगों को गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। इससे राहगीर आए-दिन गड्ढों में गिरकर चोटिल होते हैं।
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महेवागंज: सैदापुर-सुंदरवल मार्ग और पुलिया की हालत जर्जर
महेवागंज। फूलबेहड़ क्षेत्र के सैदापुर से देवरिया मार्ग पर दुधवा गांव के निकट बनी पुलिया कई वर्षों से जर्जर हालत में है। जान जोखिम में डालकर निकल रहे राहगीरों के लिए हर समय खतरा बना रहता है। सुंदरवल से सैदापुर मार्ग पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। 14 किलोमीटर का सफर पूरा करने में लोगों को कई घंटे लग जाते हैं। देवरिया, सांभरचौरा, अग्गरखुर्द, खरामनगर, दाउदपुर के लोग ब्लॉक मुख्यालय फूलबेहड़ जाने के लिए इसी रास्ते का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। मार्ग के जर्जर होने से निकलना मुश्किल है। संवाद
मैगलगंज: चपरतला मोड़ से आगे जाना मतलब जान संकट में
मैगलगंज। चपरतला मोड़ से अलियापुर, अब्बासपुर होते हुए बरवर जाने वाली सड़क काफी जर्जर है। इस पर निकलने वाले राहगीर अक्सर चोटिल होते रहते हैं। सड़क में गड्ढे ही गड्ढे हैं और सड़क पर बनी पुलिया में होल हो गए हैं। इसमें फंसकर वाहन चालक अक्सर गिर जाते हैं और चोटिल हो जाते हैं। यह सड़क अभी कुछ ही वर्ष पूर्व बनी थी, जिसकी अभी गारंटी अवधि चल रही है। फिर भी सड़क की दुर्दशा देखकर यह लगता है कि यह सड़क दशकों पुरानी है। प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत इस सड़क से करीब दर्जन भर गांवों को जोड़ा गया है। इस सड़क से जुड़ने वाले गांव अब्बासपुर, इछनापुर, अलियापुर, महुआढाब, सेमरा घाट, भसीननगर, शंकरपुर के ग्रामीणों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। संवाद
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मितौली: मुख्य सड़क और नवोदय रोड खस्ताहाल
मितौली। लखीमपुर-मैगलगंज मार्ग पर जिला सहकारी बैंक के पास सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों में गिरकर कई बार लोग चोटिल भी हो चुके हैं। पीडब्ल्यूडी विभाग ने गड्ढों की मरम्मत नहीं कराई है। वहीं जवाहर नवोदय विद्यालय मार्ग की हालत भी खराब है। संवाद
गोला: गहरे गड्ढे ही बन गए हैं पहचान
गोला गोकर्णनाथ। नगर सहित क्षेत्र के प्रमुख मार्ग देखरेख और मरम्मत के अभाव में खस्ताहाल होते जा रहे हैं, जिन पर वाहनों का निकलना तो दूर पैदल और साइकिल से चलने पर भी जान का खतरा बना रहता है। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उदासीनता से आए दिन दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं। संवाद
ममरी: 20 किमी सीतापुर ब्रांच नहर पटरी पर हैं गहरे गड्ढे
ममरी। पीलीभीत बस्ती असम रोड से गोला, शाहजहांपुर, मोहम्मदी, लखीमपुर रोड को सीधे जोड़ने वाली सीतापुर ब्रांच नहर पटरी पर बनी 20 किलोमीटर लंबी रोड जगह-जगह से उखड़ कर गड्ढों में तब्दील हो गई है, जिससे गुजरने वाले वाहन चालकों को खासी दिक्कत हो रही है। जरा सी चूक होने पर वाहन नहर में पलट जाते हैं। हरिहरपुर पुल से भीखमपुर पुल तक बनी इस 20 किलोमीटर लंबी रोड का निर्माण चार वर्ष पूर्व पीडब्ल्यूडी की देखरेख में हुआ था, जिस पर अब साइकिल से भी निकल पाना दूभर हो रहा है। संवाद
जर्जर हो गई है ममरी से अमीरनगर सड़क
ममरी। कस्बे से सीधे खरगापुर, प्रसादपुर, कुन्हूपुर, झाऊपुर, तूलमेलगंज, मथना होते हुए अमीरनगर को जाने वाली रोड भी उखड़ कर गड्ढों में तब्दील हो गई है। लंदनपुर ग्रंट के प्रधान रणधीर सिंह, खरगापुर के प्रधान अवधेश वर्मा, बिहारीपुर फार्म के सरदारों आदि का कहना है कि क्षेत्र के किसान इसी रोड से कुंभी चीनी मिल को गन्ने की सप्लाई करते हैं। साथ ही अन्य वाहनों की भी भरमार रहती है। संवाद
अमीरनगर से सरैया विलियम मार्ग का भी बुरा हाल
अमीरनगर। कस्बे से बस्तौली, मगदापुर, रजबापुर होते हुए सरैया विलियम के लिए जाने वाला मार्ग गड्ढों में तब्दील हो चुका है। इस मार्ग पर वाहन लेकर चलना मुश्किल काम है। रजवापुर गांव में सीसी मार्ग का कार्य किया जा रहा है, लेकिन इसके बाद भी राहगीरों को राहत नहीं मिली है। संवाद
संसारपुर: एनएच पर हो गए हैं गहरे गड्ढे
संसारपुर। नेशनल हाईवे 730 पर गोला से खुटार तक मार्ग की हालत अत्यंत खस्ताहाल है। कई जगह सड़क पर हादसों को दावत देते बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं। सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है। इस मार्ग पर यात्रा करना कठिन साबित हो रहा है। हालांकि इस सड़क का चौड़ीकरण होना है, जिसका कार्य भी संबंधित विभाग ने चालू करा दिया है। संवाद
गुलरिया: किसी शामत से कम नहीं लखीमपुर-दुधवा हाईवे
गुलरिया। लखीमपुर, भीरा, पलिया, दुधवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बोझवा स्मृति महाविद्यालय के पास से भीरा तक तीन किलोमीटर तक रोड में गड्ढे ही गड्ढे नजर आते हैं। यहां से निकलना मुश्किल है। इस रोड से दिन-रात हजारों वाहन लखनऊ, कानपुर, सीतापुर, लखीमपुर, शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद, पीलीभीत, बरेली, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब के लिए तथा नेपाल बॉर्डर के लिए निकलते है। गड्ढों के कारण कई हादसे भी हो चुके हैं। संवाद
भीखमपुर: गड्ढों में ढूंढनी पड़ती है सड़क
भीखमपुर। सकेथू मोड़ घरथनिया गोला मार्ग में बड़े-बड़े गड्ढों में भरे पानी से राहगीरों को निकलने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता। मोहम्मदी लखीमपुर मार्ग से होकर आंवला जंगल के किनारे सकेथू मोड़ से लेकर घरथनिया तक 12 किलोमीटर सड़क की स्थिति खराब है। मार्ग में पड़ने वाले तकिया, रैनखेड़ा, कुइयांडीह और कस्बा अजान में बने बड़े गड्ढों के साथ भरे पानी से निकलने वाले राहगीर परेशान हो जाते हैं। संवाद
बिझौली: हादसे को बुलावा देता नहर पटरी का गड्ढा
बिझौली। शारदा नहर पुल की पटरी पर गोला अलीगंज से नहर की पटरी पर लोक निर्माण विभाग की फरधान में मिलने वाली सड़क पर दो बड़े गड्ढे हादसों का कारण बने हुए हैं। एक तरफ गड्ढा दूसरी तरफ नहर होने से वाहन चालकों को अधिक परेशानी होती है। गड्ढे में पानी भर जाने से वाहन चालक अंदाजा नहीं लगा पाते कि गड्ढा कितना गहरा है। संवाद
मझगईं में सड़क को गड्ढों से निजात दिलाने की मांग
मझगईं। कस्बा मझगईं में बस स्टाफ के पास उमेश पान भंडार के सामने सड़क टूटकर जर्जर हो गई है। उस पर दर्जनों बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। बरसात होने पर गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को गड्ढे नजर नहीं आते हैं। जिसके कारण दुर्घटनाएं होती हैं। गड्ढों को लेकर दुकानदार भी काफी परेशान है। संवाद
निघासन रोड पर टेहरा तिराहे के पास गड्ढों से होती हैं दुर्घटनाएं
पलियाकलां। नगर के मोहल्ला टेहरा शहरी में टेहरा तिराहे से लेकर कई किलोमीटर तक रोड पर गड्ढे हो गए हैं। जिसके कारण दुर्घटनाएं होती हैं। मामूली बरसात में गड्ढों में पानी भर जाता है जिसके बाद गड्ढे दिखाई नहीं पड़ते हैं। यही गड्ढे दुर्घटना को दावत देते हैं। कई बार इसको लेकर आसपास के लोगों के साथ ही समाजसेवी भी मांग उठा चुके हैं। संवाद
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