चेहल्लुम पारंपरिक ढंग से मनाया गया। ताजियों को गमगीन माहौल में दफ्न किया गया। इस मौके पर जुलूस निकला। जिसमें लोग या हसन या हुसैन के नारे लगा रहे थे। करबला में फातेहा नियाज के साथ लोगों ने घरों में भी कुरानख्वानी करवाई और मजलिसें हुईं।
इमामबाड़ों और चौक से अकीदत के साथ ताजियों को उठाया गया और सभी शहर के पुराने बस अड्डे पर सभी एकत्र हुए। यहां कुछ देर रुकने के बाद तयशुदा मार्ग से ताजियों को करबला ले जाया गया जहां उनको दफ्न कर दिया गया। इस दौरान वहां लोगों ने फातेहा नियाज किया। वहां लगे मेले का बच्चों ने लुत्फ उठाया। इससे पूर्व बुधवार की रात शहर की जामा मस्जिद से महमूद नगर तक सूफियाना जुलूस निकाला गया जो बृहस्पतिवार की अलसुबह समाप्त हुआ। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से सीओ रामआसरे सिंह, एसओ केपी सिंह, चौकी प्रभारी योगेंद्र सिंह, बंशीनगर चौकी इंचार्ज हरनाम सिंह, एसआई नितीश भारद्वाज, अशोक कुमार, एसएसआई केएन सिंह समेत तमाम पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।