ममरी। महेशपुर गांव के दक्षिण कठिना नदी के टीले पर स्थित माता पूर्णागिरि स्थान के पास गन्ने के खेत में बाघ आने से रामदीनपुर, महेशपुर वासियों में दहशत फैल गई है। जिसके पग चिह्न खेतों में पाए गए हैं।
बताते हैं कि खेतों में गन्ने की छिलाई करने गए ग्रामीणों को पहले बाघ के पग चिह्न दिखाई दिए। थोड़ी देर बाद गन्ने से बाघ के गुर्राने की आवाज सुनाई दी। लोगों ने इसकी सूचना गांववालों को दी तो वहां ग्रामीण आग जलाते हुए जा पहुंचे। आग जलती देख बाघ पूरब दिशा की ओर महेशपुर के जंगल में चला गया, जिससे ग्रामीणों में दहशत है।
वनरेंज मोहम्मदी महेशपुर के वनकर्मियों का कहना है कि माता भुइयां देवी मंदिर वाले जंगल में एक बाघ वर्षों से रह रहा है हो सकता है कि किसी शिकार के पीछे दौड़ता हुआ वह खेतों में आ गया हो, जिसकी निगरानी की जा रही है। वन कर्मियों ने गन्ने की छिलाई करने वालों से सावधान रहने और आग की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी है। गांव वालों का कहना है कि गनीमत यह रही कि बाघ ने किसी पर हमला नहीं किया और वह जंगल की ओर चला गया। हालत यह है कि लोग गन्ना छीलने नहीं जा रहे हैं।
संसारपुर। मैलानी थाना क्षेत्र के गांव महुरेना के लोग दोपहर खेतों में काम के लिए गए थे। ग्रामीणों ने रामशंकर के खेत में दो तेंदुए विचरण करते हुए देखे। ग्रामीणों के शोर मचाने पर तेंदुए गन्ने के खेत में चले गए। कुछ देर बाद ब्रजेश की बकरी को खेतों में चरते समय तेंदुआ ने निवाला बना लिया। तेंदुओं को देखकर ग्रामीण भयभीत हैं।