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तेंदुए ने तीन कुत्तों को शिकार बनाया

Sat, 13 Dec 2014 04:35 PM IST
बांकेगंज।
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दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मैलानी रेंज की जटपुरा बीट से निकलकर एक तेंदुआ शुक्रवार की रात जंगल से सटे पूरनपुर गांव में घुस गया। जहां उसने गुरप्रताप सिंह उर्फ टीटू के तीन कुत्तों को अपना निवाला बनाया।
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इस बात की जानकारी उन्हें शनिवार सुबह हुई। इसको लेकर लोगाें में दहशत व्याप्त है। इसकी सूचना उन्होंने वनकर्मियों को दी है।
शनिवार की भोर में घरवालों को तेंदुए का शिकार हुए पालतू कुत्तों के अधखाए शव सड़क किनारे पड़े मिले। उन्होंने बताया कि पिछले कई दिनों से तेंदुआ जंगल से निकलकर आबादी के आसपास चहल-कदमी कर रहा है।
तेंदुआ शिकार की तलाश में अंधेरा होते ही गांव में लोगों के घरों के किनारे छिपकर बैठ जाता है। इससे ग्रामीण रात भर सो नहीं पा रहे हैं।
परेशान ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुए की मौजूदगी के कारण पालतू पशुओं और गांव के छोटे बच्चों की जान का खतरा बना हुआ है। उधर इस संबध में मैलानी रेंजर डीएस यादव ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। वनकर्मियों की टीम मौके पर रवाना की गई है। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्कता बरतने की ताकीद की है।
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पहले भी शावकों संग आई थी मादा तेंदुआ
मैलानी रेंज की भरिगवां बीट के गांव सिसनौर में 27 जनवरी 2013 को एक तेंदुआ बेर के पेड़ पर चढ़कर बैठ गया था।
इसके बाद इसी रेंज के गांव भिम्मापुर में जंगल से निकलकर तेंदुए ने अपने दो शावकों संग गन्ने के खेत में कई दिनों तक डेरा डाले रखा था।
इसकी जानकारी मिलने पर वन विभाग के अधिकारियों ने दोनों तेंदुआ शावकों को सुरक्षित पकड़कर लखनऊ चिड़ियाघर भेज दिया था।
बीते साल ही 11 जनवरी और 23-24 फरवरी को इसी बीट के गांव किशनपुर में एक तेंदुए ने रात में ग्रामीणों के घरों में घुसकर दर्जनों बकरियों का शिकार किया था।
डीएफओ नीरज कुमार को शुक्रवार रात गश्त के दौरान गोला पूर्वी क्षेत्र के कंपार्टमेंट नंबर 5 में दो अलग-अलग बाघों के पगमार्क दिखाई दिए। डीएफओ ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को बाघों की सघन निगरानी के निर्देश दिए हैं। डीएफओ के साथ एसडीओ एसएन सिंह और गोला के रेंजर उमेश राय मौजूद रहे।
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