कांग्रेस-सपा गठबंधन पर जहां सपा के जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल ने खुशी जाहिर की है वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष राघवेंद्र बहादुर सिंह ने असंतोष जाहिर किया है, उनका कहना है कि इससे पार्टी को नुकसान होगा।
इस्तीफा दे सकता हूं पर सपा का प्रचार नहीं करूंगा
कार्यकर्ता न तो कल गठबंधन के पक्ष में था न आज है। गठबंधन पर मैं पार्टी नेतृत्व का सम्मान करता हूं, लेकिन इससे कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं। कार्यकर्ताओं के सम्मान के लिए मैं पार्टी से इस्तीफा देने पर विचार कर सकता हूं पर सपा के लिए प्रचार नहीं करूंगा।
राघवेंद्र बहादुर सिंह, कांग्रेस जिलाध्यक्ष
कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए वोट मांगूंगा
सपा-कांग्रेस ने सांप्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए गठबंधन किया है। ऐसे में जिले में जिस सीट से कांग्रेस प्रत्याशी को उतारा जाएगा। उस सीट के लिए वोट मांगने क्षेत्र में जाऊंगा। कांग्रेस प्रत्याशी बुलाएंगे तो उनके साथ प्रचार भी करूंगा।
-अनुराग पटेल, जिलाध्यक्ष, सपा
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भाजपा को फायदा होगा
इस गठबंधन से भाजपा को फायदा होगा। यही वजह है सपा और कांग्रेस ने मिलकर भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए गठबंधन किया है। अब जनता इनके कुचक्र से गुमराह नहीं होगी।
- अजय चौधरी, बसपा जिलाध्यक्ष
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मुस्लिम ध्रुवीकरण को हुआ गठबंधन
मुस्लिम वोटों के ध्रुवीकरण करने के लिए सपा और कांग्रेस एक साथ आए हैं, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं होने वाला। भाजपा जनकल्याण योजनाओं के बूते सूबे में सरकार बनाएगी।
- शरद बाजपेई, भाजपा जिलाध्यक्ष