नियमानुसार किसानों को नहीं किया 85 फीसदी भुगतान
डीएम ने तीन मिलों को जारी की शोकाज नोटिस
किसानों को गन्ना मूल्य भुगतान करने में बजाज ग्रुप की तीन मिलों गोला, पलिया और खंभारखेड़ा ने खेल कर दिया है। ऐसा तब हुआ है, जब जिला प्रशासन ने एसडीएम की देखरेख में चीनी को अभिरक्षा में ले रखा है। नियमानुसार चीनी बिक्री से प्राप्त धनराशि का 85 फीसदी हिस्सा किसानों को भुगतान दिया जाना था, लेकिन मिल प्रबंधन ने अधिकारियों की आंखों में धूल झोकते हुए करीब 49.35 करोड़ रुपये का दूसरे मदों में डायवर्जन कर दिया। इसकी जानकारी मिलने पर गन्ना आयुक्त ने इन मिलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं, जिस कड़ी में डीएम आकाशदीप ने संबंधित मिलों के अध्यासियों को शोकाज नोटिस दी है। साथ ही तीन दिन में भुगतान करने के आदेश दिए हैं।
बता दें कि गन्ना मूल्य भुगतान में हीला-हवाली करने के चलते जिला प्रशासन ने बजाज ग्रुप की गोला, पलिया, खंभारखेड़ा के अलावा गोविंद शुगर मिल ऐरा की चीनी स्टाक को अपनी अभिरक्षा में लिया था। चीनी की निकासी एवं बिक्री संबंधित तहसील के एसडीएम, गन्ना विकास समिति के सचिव और मिल के अध्यासी के संयुक्त हस्ताक्षरों से की जाती है। बिक्री से प्राप्त कुल धनराशि का 85 फीसदी हिस्सा किसानों के भुगतान करने का प्राविधान है। इसके बावजूद किसानों को भुगतान न करके पलिया मिल ने 29.5 करोड़, गोला ने 5.85 करोड़ और खंभारखेड़ा मिल ने 14 करोड़ रुपये दूसरे मदों में उपयोग कर लिए। इसकी जानकारी होने पर एसडीएम पलिया ने सूचना उच्चाधिकारियों को देने के साथ ही गन्ना आयुक्त को दी गई। इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए गन्ना आयुक्त ने इन मिलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए तीन दिन में गन्ना मूल्य भुगतान कराने के निर्देश दिए।
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चार मिलों पर सबसे ज्यादा आठ अरब बकाया
जिले की नौ मिलों में सबसे ज्यादा चार मिलों पर गन्ना एक्ट (14 दिन से पूर्व तक) के मुताबिक आठ अरब पांच करोड़ 91 लाख 20 हजार रुपये बकाया है। गोला पर दो अरब 37 करोड़ 97 लाख 26 हजार, पलिया पर दो अरब 32 करोड़ 62 लाख 10 हजार, खंभारखेड़ा पर दो अरब तीन करोड़ 45 लाख 30 हजार और ऐरा मिल पर एक अरब 31 करोड़ 86 लाख 54 हजार रुपये बकाया है। खास बात यह है कि यह बकाया भुगतान के आंकड़े कम होने के बजाय लगातार बढ़ रहे हैं।
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तीन मिलों ने नियमों को उल्लंघन करते हुए किसानों को देय भुगतान का दूसरे मदों में प्रयोग कर लिया है। इसके चलते तीनों मिलों के अध्याशियों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है, जिसके साथ ही तीन दिन में भुगतान करने के आदेश दिए गए हैं। ऐसा न करने वाली मिलों के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी।
-जगदीश चंद्र यादव, जिला गन्ना अधिकारी