लखीमपुर खीरी। गन्ना पेराई सत्र 2019-20 का प्रारंभ होने लगा है। गोला मिल में पेराई सत्र के शुभारंभ के अलावा अजवापुर मिल में पांच नवंबर से पेराई प्रारंभ होगी, जिससे इस मिल के क्रय केंद्रों पर सोमवार को तौल प्रारंभ की गई। पहले दिन क्रय केंद्रों पर एक-दो किसान ही तौल कराने पहुंचे। जबकि कई क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। सूत्र बताते हैं कि चीनी मिलों ने रस्मअदायगी करते हुए इंडेंट कम जारी किया है। गन्ना समितियों ने भी इसमें कटौती करके कम किसानों को पर्चियां दी गई। इसका असर यह रहा कि सोमवार को अजवापुर मिल के अधिकतर केंद्रों पर सन्नाटा रहा।
अजवापुर के रहजनियां क्रय केंद्र पर किसान लालाराम ने गन्ने की ट्रॉली की तौल कराई। इसके बाद केंद्र पर सन्नाटा पसरा रहा। बाईकुआं क्रय केंद्र पर पूरे दिन एक भी किसान गन्ना लेकर नहीं पहुंचा। यहां मौजूद चौकीदार ने बताया कि तौल लिपिक मंगलवार को आएंगे, तब तौल शुरू होगी। यही हाल औरंगाबाद स्थित क्रय केंद्र का मिला। इस केंद्र पर सन्नाटा पसरा रहा और कोई कर्मचारी या तौल लिपिक भी मौजूद नहीं था। गन्ना समिति मैगलगंज के सचिव अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि प्रत्येक गांव के तीन-चार किसानों को पर्चियां जारी की गई है। मिल में पेराई प्रारंभ होने के बाद इंडेंट बढ़ाया जाएगा। पहले दिन कम किसान केंद्रों पर पहुंचे, जिसके लिए लेबर न मिलने की समस्या वजह हो सकती है।