अधिक उपज वाले प्लाटों का गन्ना कहां ले जाएं किसान
किसानों से रूबरू हुए, सर्वे की बारीकियां समझाईं, दिए जवाब
गन्ना किसानों के बीच पहुंचे संयुक्त गन्ना आयुक्त (क्रय) लखनऊ विश्वेश कनौजिया ने समिति एवं चीनी मिल के सर्वे डिस्प्ले को चेक किया। दो अलग-अलग गांवों में किसानों से मिलकर उनके सवालों के जवाब दिए, वहीं गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए नई अर्ली प्रजाति एवं वैज्ञानिक विधि अपनाने पर जोर दिया।
संयुक्त गन्ना आयुक्त (क्रय) लखनऊ विश्वेश कनौजिया ने पड़रिया तुला में किसानों की बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुना। वहीं लखहाभूड़ में चल रहे मिल के डिस्प्ले को औचक निरीक्षण किया। साथ ही समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने के निर्देश दिए। पड़रिया तुला में एक कृषक गोष्ठी में जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद यादव ने कहा, अधिक से अधिक गन्ना ट्रेंच विधि से लगाने एवं बीज के लिये एक आंख के टुकड़ों का ही प्रयोग करने के साथ सहफसली खेती के लाभ बताए। संयुक्त गन्ना आयुक्त ने किसानों को उन्नतशील एवं अगेती प्रजाति का क्षेत्रफल बढ़ाने के साथ-साथ गन्ना उत्पादन बढ़ाने की विस्तृत जानकारी दी। जीएम (केन) सुरेन्द्र उपाध्याय ने कृषकों से गन्ने में रोग-कीट के प्रति जागरूक रहने एवं गन्ने को गिरने से बचाने के लिए मिट्टी चढ़ाने तथा बंधाई करने को कहा। गोला समिति के सचिव भूपेश कुमार, सचिव लखीमपुर एमपी यादव एवं भीरा समिति के सचिव संजय जायसवाल ने कृषकों को 15 सितंबर तक समिति सदस्य बनने के लिये आवश्यक प्रपत्र तैयार रखने को बताया। इस मौके पर मिल अधिकारी गिरिजेश सिंह, रामेन्द्र त्यागी, एनपी सिंह, संचालक भीरा समिति एवं दर्जनों किसान मौजूद रहे।
गन्ना उत्पादक कहां ले जाएं अपनी फसल
मीटिंग में भीरा चेयरमैन आलोक मिश्रा ने किसानों की इस बड़ी समस्या को उठाते हुए अधिकारी से पूछा कि नई अर्ली प्रजाति अब आठ सौ से एक हजार प्रति हेक्टेयर गन्ना उत्पादन करते हैं, जब कि समिति गन्ना उत्पादन महज 664 क्विंटल प्रति हेक्टेयर मानकर सट्टा पर पर्ची जारी करती है, ऐसे में किसान यह अधिक गन्ना कहां ले जाएं? इस सवाल के जवाब में कहा कि इस बात को महकमे की मीटिंग में रखकर प्रस्ताव बनाया जाएगा।