उपभोक्ताओं को रसीद और रजिस्ट्रेशन देना अनिवार्य
टोल फ्री नंबर पर भी दर्ज करा सकते है शिकायत
केबिल उपभोक्ताओं को शोषण से निजात दिलाने के लिए मनोरंजन कर विभाग ने पूरी तरह कमर कस ली है। नगरीय क्षेत्रों में केबिल डिजिटाइजेशन का कार्य वर्ष 2015 में पूरा हो चुका है। इसके बाद सेट टॉप बाक्स की मदद से केबिल प्रसारण हो रहा हैै। फिर भी केबिल उपभोक्ताओं की संख्या पूरी तरह सामने नहीं आ सकी है, क्योंकि केबिल आपरेटरों ने तमाम उपभोक्ताओं को रजिस्ट्रेशन और रसीद मुहैया नहीं कराई है। इससे टैैक्स चोरी के साथ ही उपभोक्ताओं से मनमाने पैसे वसूले जा रहे हैं। लिहाजा मनोरंजन कर आयुक्त के आदेश पर विभाग सख्ती बरतने के मूड में आ गया है।
जिला स्तर पर केबिल डिजिटाइजेशन कार्य की मानीटरिंग के लिए एडीएम को नोडल अधिकारी नामित किया है। उत्तर प्रदेश केबिल टीवी नियमावली 1997 के नियम छह के तहत केबिल आपरेटर उपभोक्ताओं को रजिस्ट्रेशन कार्ड देने के लिए बाध्य हैं। इसी तरह आमोद और पणकर अधिनियम 1979 की धारा 38 (3) के तहत केबिल ऑपरेटर अपने उपभोक्ताओं को मासिक भुगतान की रसीद देने के लिए विधिक रूप से बाध्य हैं। इसके बावजूद कई केबिल आपरेटरों ने धांधली की नीयत से उपभोक्ताओं को रजिस्ट्रेशन कार्ड और रसीद नहीं दी हैं। इससे विभाग के पास केबिल उपभोक्ताओं के बारे में पूरी तरह सही जानकारी उपलब्ध नहीं है। हालांकि अधिनियम का उल्लंघन करने वाले आपरेटरों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान हैै, जिसको लेकर विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।
ई-मेल और फैक्स पर भेजे शिकायत
केबिल आपरेटर के खिलाफ डीएम और जिला मनोरंजन कर अधिकारी से शिकायत की जा सकती हैै। इसके अलावा ईमेल etcomup@nic.in (इटीसीओएमयूपी एटदरेड एनआईसी.इन) तथा फैक्स 0522-2287312 पर शिकायत भेज सकते हैं।
टोल फ्री हेल्पलाइन पर करें काल
केबिल आपरेटर के खिलाफ शिकायत के तत्काल निराकरण के लिए नि:शुल्क हेल्पलाइन नंबर 0522-2721944 और 0522-3312600 पर काल कर सकते हैं। व्हाट्सएप नंबर 7607436954 पर शिकायत भेज सकते हैैं।
अभी भी कई केबिल आपरेटरों ने रजिस्ट्रेशन कार्ड वितरित नहीं किए हैैं। शासनादेश का अनुपालन कराने के लिए केबिल आपरेटरों को निर्देश जारी किए गए हैं। उपभोक्ताओं को समस्याएं हैैं तो शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- सुरेंद्र सिंह, सहायक मनोरंजन कर आयुक्त