लखीमपुर खीरी। जिले की बजाज की तीन चीनी मिलों पर किसानों का 6.47 अरब रुपये से अधिक गन्ना मूल्य बकाया है। गन्ना आयुक्त की ओर से तीनों मिलों को कई बार नोटिस और 12 जून 2026 को वसूली प्रमाणपत्र (आरसी) जारी होने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ। इससे किसान परेशान हैं।
भुगतान अटकने से किसानों की अगली फसल प्रभावित हो रही है। खाद, बीज और सिंचाई का इंतजाम करने के साथ बच्चों की स्कूल फीस, घरेलू खर्च और बैंक ऋण की किस्तें चुकाना मुश्किल हो रहा है। भुगतान की मांग को लेकर किसान कई बार प्रदर्शन भी कर चुके हैं।
जिले की नौ चीनी मिलों में छह एथनॉल बनाती हैं, जिनमें बजाज की गोला, पलिया और खंभारखेड़ा मिल शामिल हैं। गोला ने 138.74 लाख लीटर, पलिया ने 105.25 लाख लीटर और खंभारखेड़ा ने 106.65 लाख लीटर एथनॉल बनाकर बेच चुकी हैं। इसके अलावा चीनी, एथनॉल, मैली और खोई की बिक्री से भी आय हो रही है, बावजूद इसके किसानों का भुगतान अटका है।
दो माह से आरसी जारी, कार्रवाई अब तक नहीं
किसानों के अनुसार, तीनों मिलों की आरसी जारी हुए दो माह हो चुके हैं, लेकिन न भुगतान मिला और न प्रशासन ने कार्रवाई की। किसानों का कहना है कि आरसी जारी होने के 15 से 20 दिनों में कार्रवाई शुरू हो जानी चाहिए थी। उन्होंने प्रशासन से नोटिस और आरसी तक सीमित न रहकर बकाया राशि दिलाने की मांग की है। जल्द समाधान न होने पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी।
गन्ना भुगतान पर एक नजर
चीनी मिल
खरीदा गन्ना
भुगतान
प्रतिशत
बकाया भुगतान (करोड़ रुपये)
गोला
490.85
226.65
46.18
264.20
पलिया 387.05
182.98
47.28
204.07
खंभारखेड़ा 387.84
208.41
53.74
179.43
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गन्ना आयुक्त की ओर से बजाज की तीनों मिलों को 12 जून 2026 को आरसी जारी हो चुकी है। डीएम की अध्यक्षता में भुगतान से संबंधित बैठक हो चुकी है। अन्य स्रोतों से भुगतान कराने के निर्देश दिए गए हैं। भुगतान को लेकर लगातार प्रयास जारी है।
-जितेंद्र कुमार मिश्रा, जिला गन्ना अधिकारी
बैंक लिमिट न होने के कारण टैगिंग आदेश का पालन करते हुए चीनी बिक्री से प्राप्त धनराशि का 90 प्रतिशत भुगतान भेजा जा रहा है। इस समय चीनी बिक्री कम होने से भुगतान में थोड़ा विलंब हो रहा है। जल्द भुगतान का प्रयास किया जा रहा है।
-सतीश श्रीवास्तव, मीडिया प्रभारी, बजाज चीनी मिल