- इस्लाम में दहशतगर्दी की कोई जगह नहीं
- अमन का पैगाम देने निकले अफगानिस्तानी सूफी संत
सूफी हमेशा से आतंकवाद का विरोध करते आए हैं। इस्लाम में आतंकवाद का कोई स्थान नही है। सूफियों ने हमेशा प्यार मोहब्बत भाईचारा और अमन का पैगाम दिया है पूरी दुनिया में एक भी सूफी ऐसा नही है जिसपर आतंकवादी होने का आरोप हो।
चिश्ती अफगानिस्तान से हिंदुस्तान के दौरे पर आए सूफी संत ख्वाजा कुतुबुद्दीन मौदूद चिश्ती आस्ताने के सज्जादानशीन पीर सैयद जरीफ चिश्ती ने यहां दरगाह छेदामियां में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि कुछ लोग यह कहकर इस्लाम धर्म को बदनाम कर रहे है कि इस्लाम आतंकवाद का मजहब है, जबकि सच्चाई यह है कि इस्लाम धर्म में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है।
उन्होंने कहा कि दहशतगर्दी के खात्मे के लिए सूफी समूह सबसे प्रभावशाली हथियार है सूफी समूह में भारत समेत पूरी दुनिया के गैर मुस्लिम भी विश्वास करते हैं, क्योंकि वह जानते है कि सूफी समाज शांति और भाई चारे का पैगाम देता है। सैयद जरीफ चिश्ती अफगानिस्तानी ने कहा कि मुसलमानों में शिक्षा का अभाव है इसी लिए पिछड़े हुए है उन्हें शिक्षा की तरफ पूरा ध्यान देना होगा।
उन्होंने सदियों से चले आ रहे भारत और अफगानिस्तान के मधुर संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने साहित्य के हवाले से कहा कि उनके मुल्क अफगानिस्तान में अमीर खुसरो और गालिब के कलामों को काफी सराहा जाता है हिंदुस्तान के लोगों के बारे में बताया कि हिंदुस्तानियों से मिलकर उनको बहुत अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तानी प्यार मोहब्बत वाले हैं। सैयद जरीफ चिश्ती कई दरगाहों की जियारत करते हुए खीरी टाउन स्थित दरगाह छेदा मियां के आस्ताने पर आए थे।