लखीमपुर के गांव भूलनपुर में पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते लोग। संवाद
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लखीमपुर खीरी/बेलरायां। मां-बेटे के शव पोस्टमार्टम के बाद जब गांव पहुंचे तो परिवार में चीखपुकार मच गई। घर पर तमाम लोगों की भीड़ जुट गई। परिवार वालों ने गांव के ही मुक्तिधाम पर शवों का अंतिम संस्कार कर दिया।
कोतवाली तिकुनियां की बेलरायां पुलिस चौकी के गांव भूलनपुर निवासी महेश कुमार की पत्नी संगीता देवी (25) ने गुरुवार की शाम दो साल के पुत्र जितेंद्र को फंदे से लटकाने के बाद खुद भी छप्पर की बढ़ेर से फंदा लगाकर जान दे दी थी। शुक्रवार को पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया था। पोस्टमार्टम के बाद शव जब गांव पहुंचे तो परिवार में चीखपुकार मच गई। तमाम लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। ग्राम प्रधान के पति ध्रुव वर्मा समेत तमाम ग्रामीण बिलख रहे परिवार वालों को ढांढस बंधा रहे थे। घर की दहलीज से पहले संगीता के ससुर लेखराम अपने दो साल के पोते जितेंद्र का शव दोनों हाथों में लेकर निकले। पीछे पति महेश अन्य लोगों के साथ पत्नी संगीता की अर्थी को कंधे पर लेकर निकला तो वहां मौजूद लोगों की आंखे डबडबा आईं। परिवार वाले दोनों शव लेकर गांव के निकट स्थित मुक्तिधाम पहुंचे, जहां पर संगीता की चिता सजाई गई। पति महेश ने उसे मुखाग्नि दी, जबकि उसी के पास जितेंद्र के शव को दफनाया गया। इस दौरान तमाम ग्रामीण मौजूद रहे। मां-बेटे की मौत से गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। संवाद