उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के मैगलगंज निवासी एक व्यक्ति ने लॉकडाउन के बीच चल रही तंगहाली के कारण ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। मौके पर से एक सुसाइड नोट बरामद किया गया है, जिसमें उसने साफ-साफ लिखा है कि आत्महत्या के पीछे का कारण उसकी बेरोजगारी है।
कस्बा नई बस्ती खखरा निवासी भानु प्रकाश गुप्ता (50) शुक्रवार दोपहर रेलवे स्टेशन मैगलगंज पहुंचा। उसने दोपहर एक बजे सीतापुर की ओर से आ रही एमटी कोच ट्रेन के आगे कूद कर आत्महत्या कर ली। इससे वहां अफरातफरी मच गई।
सूचना मिलते ही जीआरपी मौके पर पहुंच गई। तलाशी के दौरान मृतक की जेब से एक सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें लिखा है कि लॉकडाउन की वजह से नौकरी नहीं लग रही है। सरकार की तरफ से राशन तो दिया जा रहा है, लेकिन दूध, चाय पत्ती सहित अन्य घरेलू सामान नहीं मिल पा रहे हैं।
सुसाइड नोट में बीमारी का भी जिक्र किया गया है। लिखा गया है कि घर में विधवा मां हैं, वह भी बीमारी रहती हैं। उनकी दवाई के लिए पैसे नहीं हैं, इसलिए मजबूरन यह कदम उठाना पड़ रहा है। मृतक की तीन बेटियां और दो बेटे हैं।
एक बेटी की शादी हो चुकी है। घटना के बाद कंट्रोल रूम द्वारा दी गई सूचना के आधार पर रोजा जीआरपी प्रभारी विनोद तिवारी मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
डीएम शैलैंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मृतक भानु प्रकाश गुप्ता शाहजहांपुर में प्राइवेट नौकरी करता था। उसका और उसकी मां का अंत्योदय कार्ड बना है। लॉकडाउन के दौरान दोनों को 40 किलो चावल, 40 किलो गेहूं और दो किलो चना दिया गया है।