- बलदेव वैदिक इंटर कालेज में हुई शुरूआत, एक छात्रा ने दिखाई राह
- कालेज प्रबंधन पूरे भारत में फार्मूले को लागू कराने में जुटा
बलदेव वैदिक में एक पाठशाला लगाई गई है, जिसमें छात्र-छात्राएं अपने अभिभावकों को ककहरा सिखा रहे हैं। इस पाठशाला के ख्याल को जन्म देने में एक छात्रा का महत्वपूर्ण स्थान है। इस छात्रा ने अपनी मां को हस्ताक्षर करना सिखाया था। इसको देख कालेज प्रबंध ने संकल्प लेते हुए अन्य छात्र-छात्राओं पर भी यह फार्मूला लागू कर दिया और इसका लाभ भी मिलता नजर आ रहा है। कालेज प्रबंधन इसे पूरे देश में लागू कराने की कोशिशों में जुट गया है।
इस कार्यक्रम की शुरूआत हस्ताक्षर क्रांति के नाम से की गई है और इसको गंभीरता से शुरूआत कराने में कालेज के उप-प्रबंधक एडवोकेट राजेश भारतीय और प्रधानाचार्य डोरीलाल भार्गव की अहम भूमिका है। इसका संकल्प कालेज प्रबंधन ने सरदार भगत सिंह जयंती पर ली थी। इसी के तहत कालेज में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया और इसमें तमाम बच्चों ने अपने अभिभावकों को हस्ताक्षर करना सिखाया। इसके लिए छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षित भी किया गया। इसमें कालेज प्रबंधन की ओर से बच्चों एक-एक कापी और पेन भी निवर्तमान प्रधानाचार्य डॉ. श्रीकांत शुक्ला, सेवा निवृत्त प्रवक्ता एवं पत्रकार एनके मिश्रा ने वितरित किए। साथ ही उनको पानी की एक एक बोतल भी दी गईं। अपनी मां को साक्षर करने वाली छात्रा शीतल सक्सेना को प्रबंधन ने सम्मानित किया। इस दौरान कालेज का तमाम स्टाफ मौजूद रहा। उप प्रबंधक श्री भारतीय ने बताया कि इससे साक्षरता मिशन को काफी कामयाबी मिलेगी और इसे पूरे देश में चलाए जाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
इनसे लिया जाएगा सहयोग
इसमें समाजसेवी संस्थाओं, बुद्घजीवियों, शैक्षणिक संस्थानों, जन प्रतिनिधियों का सहयोग लेकर राष्ट्रव्यापी जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। ताकि पूरे देश में यह फार्मूला चल सके और देश में अनपढ़ न रहें।