लखीमपुर खीरी। लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति के युवराज दत्त महाविद्यालय पहुंचने की सूचना पर एबीवीपी कार्यकर्ता छात्रों की समस्याओं को लेकर गेट पर पहुंच गए। गेट पर भीड़ देखकर कुलपति का वाहन वापस लौट गया। इसके बाद छात्र काफी देर तक नारेबाजी करते रहे। कुलपति के अंदर नहीं पहुंचने से कॉलेज में प्रस्तावित कार्यक्रम नहीं हो सका और तैयारियां धरी रह गईं।
विभाग संयोजक अजय पांडे ने बताया कि कॉलेज में कई समस्याएं हैं। लाइब्रेरी में नई पुस्तकें नहीं हैं और कैंटीन में अधिक भुगतान लिया जा रहा है। छात्राओं के लिए कॉमन हॉल की व्यवस्था भी नहीं है। इन समस्याओं को लेकर विद्यार्थी परिषद कई बार जिलाधिकारी और कॉलेज प्रशासन को ज्ञापन दे चुका है, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
प्राचार्य हेमंत पाल ने छात्र नेताओं को अंदर बुलाकर वार्ता की और कुलपति को अंदर आने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्र अंदर जाकर कुलपति को ज्ञापन दे सकते हैं। हालांकि छात्र गेट पर ही ज्ञापन देने की मांग पर अड़े रहे। बड़ी संख्या में छात्र गेट पर प्रदर्शन करते रहे और कुलपति के दोबारा आने का इंतजार करते रहे।
प्राचार्य बोले, भोजन व्यवस्था में अव्यवस्था फैलाई और उसे क्षतिग्रस्त किया
प्राचार्य प्रोफेसर हेमंत पाल ने बताया कि कार्यक्रम में जिले के करीब 60 महाविद्यालयों के प्राचार्य और प्रबंध तंत्र के प्रतिनिधि शामिल होने वाले थे। बैठक का उद्देश्य जनपद की शिक्षा-व्यवस्था की चुनौतियों पर विचार-विमर्श कर समाधान की दिशा में बढ़ना था, जिससे हजारों विद्यार्थियों का हित जुड़ा है। उन्होंने कहा कि बैठक में आने वाले अतिथियों का मार्ग रोकना और नारेबाजी करना उचित तरीका नहीं है।
उन्होंने कहा कि कुलपति के लौटने के बाद महाविद्यालय के शिक्षकों और प्राचार्यों ने प्रदर्शनकारियों से शांति और संयम बनाए रखने का अनुरोध किया, लेकिन कुछ प्रदर्शनकारियों ने प्राचार्य और शिक्षकों के साथ अमर्यादित व्यवहार किया तथा अभद्रता की। इसके बाद बैठक में आए अतिथियों और शिक्षकों के लिए की गई भोजन व्यवस्था में अव्यवस्था फैलाई और उसे क्षतिग्रस्त किया। साथ ही भविष्य में लगातार धरना देने की धमकी दी।
प्राचार्य ने कहा कि महाविद्यालय विद्यार्थियों की जायज मांगों को विश्वविद्यालय तक पहुंचाने के लिए सदैव तैयार है, लेकिन अनुशासनहीनता स्वीकार्य नहीं है।
वाईडी डिग्री कॉलेज में गेट पर प्रदर्शन करते एबीवीपी के पदाधिकारी। संवाद