लखीमपुर खीरी। प्रकृति को बेहतर ढंग से समझाने के लिए माध्यमिक विद्यालयों के कक्षा छह से नौ तक के विद्यार्थियों को कीट-पतंगों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसमें कीटों के वर्गीकरण, उनके जीवन चक्र और पर्यावरण में उनके महत्व से उन्हें रूबरू कराया जाएगा। इसके लिए वाइल्ड विजडम ग्लोबल चैलेंज जागरूकता (डब्ल्यूडब्ल्यूजीसी) अभियान चलाया जा रहा है।
अभियान का हिस्सा बनने के लिए विद्यार्थियों को पहले पंजीकरण कराना होगा। विज्ञान प्रगति अधिकारी डा. दिनेश कुमार ने बताया कि भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग ने हाल में ही में डब्ल्यूडब्ल्यूजीसी का 18वां संस्करण लांच किया है, जिसमें इस वर्ष का विषय कीट
है। इसके तहत विद्यार्थियों को मनुष्य व कीट पतंगों के मध्य स्वास्थ्य संबंधों को रेखांकित करने के साथ ही पृथ्वी को संतुलित रखने में कीट-पतंगों के योगदान का बोध कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता में सभी बोर्ड के मान्यता प्राप्त विद्यालयों के विद्यार्थी निशुल्क नामांकन कर हिस्सा ले सकेंगे। पंजीकृत विद्यार्थियों को डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर) की तरफ से ई-लर्निंग सामग्री भी प्रदान की जाएगी। जागरूकता अभियान क्लास रूम स्तर से प्रारंभ होकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक संपन्न होगा। इसमें प्रत्येक स्तर पर विजेता छात्र-छात्राओं को डिजिटल सर्टिफिकेट से लेकर ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। बताया कि नामांकन को वेबसाइट academy.wwfindia.org/wildwisdom पर कराया जा सकता है।