लखीमपुर खीरी। युवराजदत्त महाविद्यालय में मंगलवार को प्रवेश पत्र वितरण शुरू हुआ। इस दौरान तमाम छात्रों को प्रवेश पत्र नहीं मिल सके। इसका कारण छात्रों का शुल्क जमा करने के बाद काउंसलिंग न कराना है। गुस्साए छात्रों ने हंगामा और प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के पदाधिकारियों ने प्राचार्य से वार्ता की। उन्होंने डीएम सहित विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर को पत्र लिखकर छात्रों के प्रवेश पत्र न आने से अवगत कराया है। एबीवीपी पदाधिकारियों का कहना है कि यदि एक भी छात्र परीक्षा देने से वंचित रहा तो आंदोलन करेंगे।
प्रवेश वितरण के दौरान दोपहर बाद जब तमाम छात्रों को उनके प्रवेश पत्र न आने की जानकारी मिली तो सभी चिंतित हो गए। छात्रों ने इस पर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर एबीवीपी के पदाधिकारी भी पहुंच गए। छात्र-छात्राओं का कहना था कि उन्होंने निर्धारित शुल्क जमा किया है, फिर भी उन्हें प्रवेश पत्र नहीं मिल रहा।
उधर, कॉलेज प्रशासन का कहना है कि छात्रों ने शुल्क तो जमा कर दिया, लेकिन काउंसलिंग कराने के लिए न तो अपने शैक्षिक दस्तावेज जमा किए और न ही एडमिट कार्ड लिया। शैक्षिक प्रपत्र विश्वविद्यालय न पहुंचने से विश्वविद्यालय से प्रवेश पत्र आए ही नहीं। इस पर नाराजगी जताते हुए एबीवीपी के लोगों ने प्राचार्य का घेराव कर नारेबाजी। प्राचार्य और परिषद के अजय प्रताप एवं संकल्प शुक्ला के बीच काफी देर तक बहस हुई। मगर, कोई नतीजा नहीं निकल सका।
एबीवीपी ने प्राचार्य को घेराव कर किया प्रदर्शन
लखीमपुर खीरी। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने वाईडी कॉलेज परिसर में प्राचार्य का घेराव कर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि महाविद्यालय की लापरवाही से छात्रों के प्रवेश पत्र नहीं आए। प्राचार्य एक जिम्मेदार कुर्सी पर बैठ कर असहयोगात्मक रवैया अपना रहे हैं। आरोप है कि प्राचार्य ने एक अभिभावक के साथ मारपीट तक की है। प्राचार्य छात्रों को एडमिट कार्ड न देकर परीक्षा से वंचित रखने की धमकी दे रहे हैं। परिषद के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि छात्रों को प्रवेश पत्र न मिला तो और छात्र परीक्षा से वंचित हुए तो एबीवीपी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। प्रदेश कार्यसमिति सदस्य शिवांश, जिला संयोजक संकल्प शुक्ला, सहसंयोजक अमन गुप्ता, जिला प्रमुख अजय पांडेय, हिमालय मिश्रा आदि मौजूद रहे।
छात्रों ने फीस तो जमा कर दी, लेकिन काउंसलिंग कराकर न तो शैक्षिक प्रपत्र जमा किए और न ही कॉलेज से एडमिट कार्ड लिया। इसलिए यूनिवर्सिटी से प्रवेश पत्र नहीं आए। हालांकि छात्रों का अहित न हो इसलिए डीएम एवं विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर को पत्र लिखकर मामले से अवगत करा दिया है। इस मामले में विश्वविद्यालय स्तर से ही कुछ हो सकता है। वैसे जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह सब गलत हैं।
डॉ. डीएन मालपानी, प्राचार्य, युवराजदत्त महाविद्यालय