गुलरिया चीनी मिल के बबुरी गन्ना क्रय केंद्र पर गन्ना तौल न होने, पर्चियों का इंडेंट धीमी गति से जारी करने से नाराज किसानों ने हंगामा काटते हुए चीनी मिल के अन्य छह गन्ना क्रय केंद्र पर तौल बंद कराकर धरना प्रदर्शन करते हुए गन्ने से भरे ट्रकों को रोक लिया। सूचना पर पहुंचे गन्ना अधिकारी संजय मिश्रा ने बुबरी क्रय केंद्र पर रविवार से तौल चालू कराने और पर्चियों का इंडेंट जारी करने का आश्वासन देकर धरना-प्रदर्शन समाप्त कराया।
गुलरिया चीनी मिल ने पांच साल पहले बबुरी गन्ना क्रय केंद्र लगाकर तौल चालू कराई थी। इस क्रय केंद्र से क्षेत्र के गांव बबुरी, शंकरी गौढ़ी, प्रताप गढ़, चकलुआ, सोतिया और महाराजनगर के किसान अपने गन्ने की तौल कराते हैं। किसानों का आरोप है कि इस साल चीनी मिल को चले करीब एक माह हो गया है। अभी तक यहां पर सिर्फ कांटा आदि लगाने के लिए गड्ढे आदि खोदे गए, लेकिन क्रय केंद्र चालू नहीं किया गया। किसानों को करीब एक किलोमीटर दूर बिनौरा फार्म क्रय केंद्र पर गन्ना तौल कराने के लिए अपने वाहन लाने पड़ते हैं। अतरिक्त गांव जुड़ जाने के कारण क्रय केंद्र पर डनलप और ट्रॉलियों की दो से तीन दिनों तक तौल कराने के लिए लाइन में कड़ाके की ठंड में खड़े रहना पड़ता है। इसके अलावा किसानों का आरोप था कि कम पर्चियां आने के कारण खेतों में गन्ना, गेहूं आदि की फसल भी नहीं बो पा रहे हैं। कई बार शिकायत करने के बाद जब सुनवाई नहीं हुई तो किसानों का गुस्सा फूट गया और नाराज किसानों ने इस चीनी मिल तारानगर में स्थित छह गन्ना क्रय केंद्रों पर हंगामा काटते हुए तौल बंद करा दी। किसान नेता रंजीत सिंह की अगुवाई में गन्ने से भरे ट्रकों को रोककर प्रदर्शन किया। इस दौरान नंद लाल, रामजियावन, रामभुवन यादव, चंद्रमा यादव, राजाराम, रामसुमेर, रामकेवल, पूरन, सुभाष, शंभू, विजय कुमार, राजीव आदि किसान मौजूद रहे।