लखीमपुर खीरी। बदलती जीवनशैली, बढ़ता तनाव और अनियमित दिनचर्या अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगी है। इसका असर माइग्रेन के रूप में सामने आ रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों सिरदर्द से परेशान मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनमें बड़ी संख्या माइग्रेन से पीड़ित लोगों की है।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. शिशिर पांडेय ने बताया कि रोजाना ओपीडी में 15 से 20 युवा माइग्रेन से ग्रसित मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि माइग्रेन से बचाव के लिए नियमित दिनचर्या बेहद जरूरी है। समय पर भोजन, पर्याप्त नींद, तनाव से दूरी और स्क्रीन टाइम कम करने से इसके प्रभाव को घटाया जा सकता है।
उन्होंने सलाह दी कि बिना डॉक्टर की सलाह के दवाओं का सेवन न करें। यदि सिरदर्द लगातार बना रहे या तेज दर्द के साथ अन्य लक्षण दिखें, तो तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए, ताकि समय पर उपचार हो सके।
चिकित्सकों के अनुसार माइग्रेन सामान्य सिरदर्द नहीं, बल्कि एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है। इसमें सिर के एक हिस्से में तेज दर्द, उल्टी, चक्कर और रोशनी या आवाज से परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि देर रात तक जागना, मोबाइल और स्क्रीन का अधिक उपयोग, पानी की कमी, तेज धूप में बिना चश्मे के निकलना, अनियमित खानपान और मानसिक तनाव इसके प्रमुख कारण हैं।