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आढ़तियों की धान खरीद से बची एजेंसियों की ‘लाज’

Tue, 20 Jan 2015 07:17 PM IST
लखीमपुर खीरी
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धान खरीद के मामले में इस बार खीरी ने लक्ष्य 78 हजार मीट्रिक टन को क्रास कर दिया है। राज्य सरकार की आठ और केंद्र सरकार की एक एजेंसी ने मिलकर 40428 मीट्रिक टन धान खरीद की है। जबकि आढ़तियों ने 39769 मीट्रिक टन खरीद की है, जो सरकारी एजेंसियों से कुछ ही कम है। लिहाजा आढ़तियों की धान खरीद ने एजेंसियाें की लाज बचाने में अहम भूमिका निभाई है, जबकि 31 जनवरी 2015 तक धान खरीद होनी है। पिछले वर्ष 78 हजार मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 75 फीसदी धान खरीद हो सकी थी।
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खरीफ विपणन वर्ष 2014-15 में नौ एजेंसियों के 99 क्रय केंद्र स्वीकृत हुए थे, जिसके मुकाबले आढ़तियों की संख्या 57 ही थी। विपणन शाखा ने चार क्रय केंद्रों से 668.45 एमटी, पीसीएफ ने 57 केंद्रों से 28317.65 एमटी, यूपीएसएस ने 16 केंद्रों से 4019.41, एनसीसीएफ ने पांच केंद्रों से 2767.90, एसएफसी ने चार केंद्रों से 45, यूपी स्टेट एग्रो ने एक केंद्र से 151.60 एमटी और एफसीआई ने 4458.75 एमटी धान खरीद की। वहीं एजेंसियों के काफी समय बाद 57 आढ़तियों ने खरीद शुरू करते हुए 39769.03 मीट्रिक टन धान की खरीद कर डाली। जबकि कर्मचारी कल्याण निगम और नैफेड ने एक भी दाना धान खरीद नहीं की है।
गन्ने की तरह धान के भुगतान का हाल
सरकारी एजेंसियों के क्रय केंद्रों पर 3920 किसानोें से धान खरीद की गई है। जबकि आढ़तियों ने 1634 किसानों से खरीद की है। भुगतान के मामले में आढ़तियों पर कोई बकाया नहीं है। जबकि एजेंसियों पर 3.32 करोड़ रुपये बकाया है, जिसमें पीसीएफ पर 239.20 लाख, यूपीएसएस पर 16.39 लाख और एफसीआई पर 76.51 लाख रुपये बकाया शामिल है।
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वरिष्ठ विपणन निरीक्षक वीणा सिंह ने कहा कि लगभग सभी एजेंसियों और आढ़तियों ने भुगतान कर दिया है। पीसीएफ समेत तीन एजेंसियों पर किसानों का बकाया है, जिसका जल्द भुगतान कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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