गृह सचिव के आदेश से पुलिस की बढ़ीं मुश्किलें
शुल्क वसूल नही होने पर हेडमोहरिर्र के वेतन से होगी वसूली
अगर आप लाइसेंस धारक हैं और अपना शस्त्र थाने पर जमा करने जा रहे हैं तो 100 रुपये लेकर जाएं, अन्यथा आपका शस्त्र जमा नहीं किया जाएगा। शस्त्रों के जमा करने के दौरान पुलिस आपको रसीद देगी और एकत्र होने वाली रकम को पुलिस कोषागार में जमा कराएगी। प्रदेश के गृह सचिव ने डीएम-एसपी को पत्र भेजकर नई व्यवस्था को तत्काल लागू करने के आदेश दिए हैं।
पहले लोग चुनावों के दौरान अपने शस्त्रों को दुकानों और थानों पर जमा करते थे। थानों पर जमा होने वाले शस्त्रों का कोई शुल्क नहीं देना पड़ता था। इस बार विधानसभा चुनाव में ट्रैजरी में चालान जमा कर शस्त्रों को दुकानों पर जमा करने के निर्देश दिए गए थे, जबकि थानों पर निशुल्क असलहे जमा कराए जा रहे थे। प्रदेश के गृहसचिव मणिप्रसाद मिश्रा ने अब नया आदेश जारी किया है। उन्होंने डीएम-एसपी को भेजे गए पत्र में कहा है कि शस्त्र धारकों से सौ रुपये वसूल कर थानों पर जमा कराए जाएं, जो शस्त्र अब तक जमा हो चुके हैं, अब उनसे शस्त्र वापस करते समय शुल्क लिया जाए, जिसकी रसीद पुलिस शस्त्र धारक को देगी। यह शुल्क हेडमोहरिर्र कोषागार में जमा कराएगा। इस आदेश के बाद पुलिस की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। शुल्क वसूल न होने या फिर जमा असलहों से कम वसूली होने पर हेडमोहरिर्र के वेतन से वसूला जाएगा। एसओ आलोक मणि त्रिपाठी ने बताया कि आदेश की प्रति प्राप्त हो गई है, जिसका कड़ाई से पालन कराया जा रहा है।