सीनियर बैंक मैनेजर के आने पर लिखा पढ़ी के बाद पैसा लौटाया
स्टेटिक टीम और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक गाड़ी की तलाशी ली। तलाशी में दो व्यक्तियों के पास से दो बैगों में 22 लाख रुपये मिले। पुलिस रुपयों से भरा बैग और गाड़ी थाने ले आईं। दोनों व्यक्ति बेलरायां और तिकुनियां इलाहाबाद बैंक के फील्ड आफीसर निकले। सीनियर बैंक मैनेजर दीपांशू श्रीवास्तव के लिखित में देने पर पुलिस ने लिखा-पढ़ी के बाद पैसा लौटा दिया। सीओ उमाशंकर सिंह ने बिना सुरक्षा व्यवस्था के कैश ले जाने पर बैंक कर्मियों को हिदायत भी दी।
सोमवार सुबह करीब 11 बजे स्टेटिक टीम प्रभारी संतोष कुमार, सीओ उमाशंकर सिंह, इंस्पेक्टर डीसी मिश्रा, कांस्टेबल मृत्युंजय पांडे, देवनाथ आदि निघासन सिंगाही मार्ग पर सरयू पुल के पास चार पहिया और दो पहिया वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान निघासन से सिंगाही जा रही आल्टो गाड़ी को रोका। गाड़ी की तलाशी ली तो उसमें सीट पर दो बैग रखे मिले। दोनों बैग रुपये से भरे थे। पुलिस बैगों को थाने ले आई। इंस्पेक्टर ने जब दोनों लोगों से पूछताछ की तो एक ने अपना नाम मोहित कुमार बताया, कहा कि वह इलाहाबाद बैंक तिकुनियां का फील्ड आफीसर है। उनके बैग में 10 लाख का कैश था। दूसरे ने अपना नाम रवि वर्मा बताया, कहा, वह इलाहाबाद बैंक बेलरायां का फील्ड आफीसर है। उनके बैग में 12 लाख रुपये कैश था। दोनों बैंक आफीसर ने बताया कि यह कैश वह लखीमपुर की शाखा से लेकर बैंक जा रहे हैं। नायब तहसीलदार ज्ञान प्रताप सिंह तथा सीओ उमाशंकर सिंह ने बैंक के उच्चाधिकारियों के आने के बाद ही कैश देने की बात कही। मौके पर पहुंचे बैंक मैनेजर दीपांशु श्रीवास्तव ने इस बात की पुष्टि की। बाद में उनके लिखित में देने के बाद ही राशि को वापस किया गया। सीओ और नायब तहसीलदार ने बिना सुरक्षा के पैसा न ले जाने की हिदायत दी।