स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बुधवार को जिला अस्पताल में दिया धरना
एआरटीओ ऑफिस में भी लटकता रहा ताला
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद एवं राज्य चिकित्सा कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर बुधवार को जिले भर के राज्य कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इस क्रम में जिला अस्पताल के कर्मचारी सुबह आठ से 11 बजे तक हड़ताल पर रहे। वहीं एआरटीओ ऑफिस के कर्मचारियों ने भी हड़ताल में शामिल होकर काम बंद रखा।
परिषद के जिला संयोजक मंहत सिंह के नेतृत्व में इकठ्ठा हुए जिला अस्पताल के कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में धरना देकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों को संबोधित करते हुए जिला संयोजक ने कहा कि प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर तीन दिवसीय हड़ताल शुरू हुई है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को भी कर्मचारी सुबह आठ से 11 बजे तक और 12 अगस्त को पूर्ण कालिक हड़ताल पर रहेंगे। संगठन के पदाधिकारियों ने प्रदेश सराकर पर पूर्व में हुए समझौतों पर शासनादेश जारी न किए जाने का अरोप लगाया। इस दौरान एसके सिंह, आरके पांडे, डॉ. एकके कनौजिया, डॉ.अनिल कुमार, आरके गुप्ता, प्रीति श्रीवास्तव, रजनी मसीह, ए जार्ज, प्रतिभा पांडे, छंदा पांडे, अंजू कनौजिया, जितेंद्र यादव सहित कई लोग मौजूद रहे। वहीं प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर एआरटीओ ऑफिस के कर्मचारी भी बुधवार को तीन घंटे की हड़ताल पर रहे।
निघासन। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर बुधवार से राज्य कर्मचारियों ने तीन दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी है। इस क्रम में उत्तर प्रदेश निबंधन संघ के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर तहसील परिसर के निबंध कार्यालय पर भी ताला लटकता रहा। कार्यालय के कर्मचारियों ने लिपिक एसबी सिंह के नेतृत्व में कार्यालय के बाहर धरना दिया।
ये हैं मांगे
- इलाज के लिए कैशलेस सुविधा शुरू हो
- केंद्रीय कर्मचारियों की भांति समस्त भत्तों में समानता दी जाए
- पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए
- सेवानिवृत्ति पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए
- फील्डवर्क करने वाले कर्मचारियों को बाइक भत्ता दिया जाए
-16 एवं 20 वर्ष की सेवा के आधार पर तीन पदोन्नति पद का ग्रेड वेतन दिया जाए
- रिक्त पदों पर प्रमोशन किया जाए
- मानक के अुनसार नए पदों का सृजन किया जाए
- फर्जी शिकायतों पर बिना जांच कराए किए गए स्थानांतरण को निरस्त किया जाए