जिले में राजीव गांधी खेल अभियान योजना दम तोड़ने लगी है। निघासन के बाद अब
बांकेगंज, मोहम्मदी, पसगवां, धौरहरा और ईसानगर ब्लाक में राजस्व विभाग
स्टेडियम के लिए जमीन नहीं उपलब्ध करा सका है। तहसील अधिकारियों ने रिपोर्ट
भेजकर जिला युवा कल्याण विभाग जमीन न होने की सूचना भेजी है।
केंद्र
सरकार की राजीव गांधी खेल अभियान योजना एक अप्रैल वर्ष 2014 से लागू हुई।
इस योजना के अंतर्गत सभी ब्लाकों में एक करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से सात
एकड़ जमीन पर युवा प्रतिभाओं के लिए खेल उपकरणों से लैस स्टेडियम बनाना
है। जिनमें एक महिला और एक पुरुष कोच के साथ एक मास्टर कोच की तैनाती की
जानी है लेकिन एक साल तक इस योजना की प्रगति के लिए कोई प्रयास नहीं किए
गए। जिला युवा कल्याण विभाग ने स्टेडियम के लिए तहसीलों से जमीन मांगी थी।
जिस पर सबसे पहले निघासन तहसील प्रशासन ने जमीन न होने की रिपोर्ट भेजी,
उसके कुछ दिनों बाद ही पांच और ब्लाकों ने स्टेडियम के लिए जमीन न होने की
रिपोर्ट भेज कर पल्ला झाड़ लिया है। गोला तहसील में गोला देहात, रमियाबेहड़
में रामनगर बगहा, पलिया के विशेनपुरी और मितौली के जवाहर नवोदय विद्यालय
परिसर में स्टेडियम के लिए जगह मिलने की बात कही गई है, लेकिन पलिया को
छोड़कर अभी तक किसी तहसील से प्रस्ताव तक नहीं आया है।
डीएम के निर्देश का भी नहीं हुआ असर
ब्लाक
स्तर पर स्टेडियम के लिए जमीन उपलब्ध कराने के लिए डीएम ने 19 जून को सभी
एसडीएम को पत्र भेजकर प्रस्ताव देने का निर्देश दिया था, लेकिन डीएम के
निर्देश के बाद भी किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है। यह हाल तब है जब इस
योजना की अध्यक्ष डीएम हैं और सीडीओ योजना के उपाध्यक्ष हैं। राजस्व विभाग
को स्टेडियम के लिए जमीन उपलब्ध कराकर जिला युवा कल्याण विभाग के नाम
ट्रांसफर कराना है।
राजीव गांधी खेल अभियान योजना की
प्रगति को लेकर लगातार प्रयास किया जा रहा है, लेकिन छह तहसीलों से जमीन न
उपलब्ध होने की रिपोर्ट आई है। ऐसे में योजना को झटका लगा है। जिन तहसीलों
में जमीन मिलने की बात की जा रही है, उनमें पलिया को छोड़कर कहीं से भी
प्रस्ताव नहीं मिला है। जिससे स्टेडियम के निर्माण में बाधा उत्पन्न हो रही
है।
-एनयू खान, जिला युवा कल्याण अधिकारी