पलियाकलां। पलिया-भीरा मार्ग पर अतरिया रेलवे क्राॅसिंग के आगे नदी से रेलवे लाइन के नीचे से पानी का रिसाव जारी है। मंगलवार को भी पूरे दिन रेलकर्मी व कारसेवक जुटे रहे। इस बीच एसएसबी के जवानों ने भी मोर्चा संभाल लिया।
बताया जाता है कि इसी प्रकार अगर रिसाव जारी रहा तो पुलिया फुल हो जाने से सड़क पर भी पानी चल सकता है। हालांकि, अभी ऐसी नौबत नहीं आई है। कारसेवकों का हौसला बढ़ाने के लिए महंगापुर गुरुद्वारे के संत बाबा गुरनाम सिंह भी पहुंचे और श्रमदान के जरिए जल्द से जल्द रेललाइन की मरम्मत किए जाने की बात कही। रविवार को अतरिया रेलवे क्राॅसिंग के आगे रेल ट्रैक के नीचे से पानी का रिसाव शुरू हो गया था। इसे रोकने के लिए किसानों व ग्रामीणों ने धरना भी दिया था।
सोमवार को पूरे दिन बरसात होने के बाद भी कारसेवक व रेलकर्मी मौके पर डटे रहे और कार्य को करने में जुटे रहे। सोमवार की रात भर कार्य होता रहा और मंगलवार को फिर से कार्य शुरू कर दिया गया।
इसमें कहीं रेलवे की तरफ से जाल व पत्थर की कमी होती रही तो कहीं कारसेवकों की कमी दिखी, लेकिन महंगापुर गुरुद्वारा के संत बाबा गुरनाम सिंह के पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में कारसेवक भी मौके पर पहुंच गए और पानी घुसकर सेवादारों ने रिसाव को रोकने का प्रयास शुरू किया।
अतरिया रेलवे क्राॅसिंग पर पत्थर व मौरंग आदि को एकत्र करने के साथ ही यहां ही साइड में बोरियों में मौरंग भरने का कार्य होता रहा और बोरियां भरने के बाद उसे ट्राॅलियों पर लादकर कार्यस्थल पर ले जाने के लिए लोग जुटे रहे।
रेलवे की तरफ से भी मजदूरों को बढ़ाया गया है। हालांकि, देर शाम तक पानी का रिसाव नहीं रोका जा सका था और पहले कम जगह से पानी रिस रहा था, लेकिन अब पानी के रिसाव की जगह ने अपना मुंह बड़ा कर लिया है।
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कमांडेंट के निर्देश पर कारसेवा करने पहुंचे
कमांडेंट रवींद्र कुमार राजेश्वरी के निर्देश पर 39वीं वाहिनी एसएसबी के जवानों ने भी रेलवे लाइन पर पहुंचकर कार सेवा की। बड़ी संख्या में जवान बोरियों में फावड़े से मौरंग भरने का कार्य करते रहे और मौरंग भरी बोरियों को ट्राॅलियों पर लादते दिखे। एसएसबी कमांडेंट रवींद्र कुमार राजेश्वरी ने भी मौके पर पहुंचे रेलवे लाइन का जायजा लिया और जवानों से फुर्ती के साथ कारसेवा में अपना सहयोग देने के निर्देश दिए।
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दिशा-निर्देश देते दिखे रेलवे के अधिकारी
रेलकर्मी व कारसेवक जहां रिसाव को कम करने के लिए जुटे दिखाई दिए। वहीं रेलवे के अधिकारी हाथ बांधकर केवल दिशा-निर्देश देते दिखे। साथ ही रेलवे ट्रैक पर आने वाले लोगों को वीडियो फोटो न खींचने की हिदायत देते ही दिखाई दिए। कुछ मजदूरों ने भी जब वीडियो बनाने का कार्य शुरू किया तो उनको भी फटकार कर वीडियो न बनाने की बात कही गई।
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बनबसा से छोड़ा गया 34 हजार क्यूसिक पानी
बनबसा बैराज से रविवार को छोड़े गए एक लाख 15 हजार क्यूसिक पानी के बाद यहां नदी का जलस्तर बए़ गया था। हालांकि मंगलवार की शाम तक मात्र 34 हजार क्यूसिक पानी छोड़ा गया है। इससे नदी का जलस्तर कम होने लगा है। सिंचाई व बाढ़ खंड विभाग की मानें तो पहाड़ों पर अगर लगातार बरसात होती है तो बनबसा से फिर पानी छोड़ा जाएगा और अगर बरसात नहीं हुई तो पानी लगातार कम ही होगा।
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रेलवे उपलब्ध नहीं करा पा रहा है कटान रोकने की सामग्री
रेलवे की तरफ से बोरियां, बोल्डर व जाल ठीक ढंग से उपलब्ध न कराए जाने के कारण कई बार काम को रोकना पड़ रहा है। कारसेवक व रेलकर्मी अपना काम लगातार कर रहे हैं लेकिन सामग्री उपलब्ध न होने से उनको भी दिक्कतें आ रही हैं। इसको लेकर पलिया राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के तहसील अध्यक्ष तरसेम सिंह ने भी एसडीएम से मुलाकात कर रेलवे द्वारा सामग्री उपलब्ध न कराए जाने की शिकायत की थी। जिसके बाद एसडीएम ने रेलवे के अधिकारियों को निर्देश दिया था। वहीं ऑल इंडिया सिख फेडरेशन पलिया की तरफ से भी सोशल मीडिया पर बोरों की आवश्यकता बताते हुए लोगों से सीमेंट के कट्टे व खाद की बोरियां कटान स्थल पर उपलब्ध कराने की मांग की है।
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वर्जन
रेलवे व कारसेवा के जरिए लगातार कार्य हो रहा है और उन्होंने भी मंगलवार को मौका मुआयना किया है। कार्य प्रगति पर है। केवल मिट्टी ही कटी है। रेलवे लाइन पूरी तरह से सुरक्षित है और रिसाव रोकने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
-रत्नाकर मिश्रा, एसडीएम पलिया
पलिया-भीरा रेलवे ट्रेैक पर रिसाव करता पानी। संवाद