गौरीफंटा। बंगलूरू (कर्नाटक) से एक नेपाली युवक द्वारा महेंद्रनगर (नेपाल) ले जाई जा रही 14 वर्षीय भारतीय किशोरी को गौरीफंटा बॉर्डर पर एसएसबी, एएचटीयू और एनजीओ की संयुक्त टीम ने रोक लिया। बाद में किशोरी और युवक को अग्रिम कार्रवाई के लिए गौरीफंटा पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
एसएसबी 39वीं वाहिनी के गौरीफंटा स्थित सहायक कमांडेंट रवि समोटा ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम बॉर्डर पर एसएसबी जवान, एएचटीयू टीम और एक भारतीय एनजीओ संयुक्त चेकिंग कर रहे थे। देर शाम करीब 7:45 बजे एक नेपाली युवक 14 वर्षीय भारतीय किशोरी को लेकर धनगढ़ी (नेपाल) की ओर जाता दिखाई दिया। संदेह होने पर उससे पूछताछ की गई।
पूछताछ में युवक ने अपना नाम कमल पांडे (23) निवासी भीमदत्त नगरपालिका वार्ड-19, महेंद्रनगर, जिला कंचनपुर (नेपाल) बताया। उसने बताया कि वह बंगलूरू के होसाकोटे थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में काम करता है, जहां किशोरी की मां भी कार्यरत है। पूछताछ में सामने आया कि वह किशोरी को उसके घरवालों को बताए बिना अपने घर नेपाल ले जा रहा था। किशोरी ने भी बताया कि वह बिना बताए उसके साथ आई है।
एसएसबी ने किशोरी के पिता से फोन पर संपर्क किया। पिता ने बताया कि उनकी पुत्री आठ जून को सरकारी स्कूल से कक्षा आठ की टीसी लेने के लिए घर से निकली थी, लेकिन शाम तक नहीं लौटी। इसके बाद तलाश करने के साथ होसाकोटे थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी।
एसएसबी ने युवक और किशोरी को आगे की कार्रवाई के लिए गौरीफंटा कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया।