गोला गोकर्णनाथ। साईं मैरिज लॉन में आयोजित सात दिवसीय संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन कथावाचक संजीवनी मिश्रा ने श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के विवाह का प्रसंग सुनाया।
उन्होंने बताया, रुक्मिणी राजा भीष्मक की बेटी थीं। वह श्रीकृष्ण से प्रेम करती थीं, लेकिन उनका विवाह शिशुपाल के साथ तय हो गया। रुक्मिणी ने श्रीकृष्ण को विवाह प्रस्ताव भेजा। संदेश पर आए श्रीकृष्ण ने उनका हरण किया और शिशुपाल से युद्ध करके रुक्मिणी को द्वारका ले गए। वहां पौष माह के कृष्णपक्ष की अष्टमी को दोनों का विवाह हुआ। यह प्रेम और समर्पण का उदाहरण माना जाता है।
कार्यक्रम में आयोजकों ने मुख्य अतिथि नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष विजय शुक्ला, रिंकू और विशिष्ट अतिथि पूर्व ब्लॉक प्रमुख मितौली राजीव वर्मा को अंगवस्त्र व छोटी काशी शिव स्मृति चिह्न दिया। इस दौरान आयोजक व्यापारी नेता पटेल अशोक कनौजिया, जिला पंचायत सदस्य शिखा कनौजिया, राकेश भार्गव, अमीषा पटेल के अलावा कई श्रोता मौजूद रहे।