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विश्व जनसंख्या दिवस पर विशेषः दम तोड़ रहीं जनसंख्या नियंत्रण को लेकर चल रहीं योजनाएं

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2011 की जनगणना में जिले की 4021243 थी आबादी
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इन दस सालों में लगभग सात लाख की बढ़ोतरी का अनुमान

लखीमपुर खीरी। शासन की ओर से बढ़ती जनसंख्या को रोकने के लिए संचालित योजनाएं जिले में दम तोड़ रही हैं। पिछले दस सालों में जिले की आबादी में करीब सात लाख की वृद्धि हुई है। हालांकि महिलाओं में जागरूकता बढ़ी है, जिसका परिणाम इनकी नसबंदी में इजाफा होना है। जिले की प्रजनन दर 3.9 है।
जनसंख्या नियंत्रण को लेकर पिछले वर्षों में किए गए प्रयासों को आशा के अनुरूप सफलता नहीं मिली है। वर्ष 2001 में हुई जनगणना के अनुसार जिले की कुल जनसंख्या करीब 3270232 थी, जो 2011 तक बढ़कर 4021243 हो गई। 2021 तक जिले की आबादी करीब 47 लाख से अधिक होने का अनुमान है। पिछले दस सालों में जिले की जनसंख्या कितनी बढ़ी, इसकी हकीकत तो जनगणना के बाद ही पता लगेगी। मगर इन दस सालों में करीब सात लाख से अधिक लोगों की बढ़ोतरी होने का अनुमान है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग जनसंख्या नियंत्रण को लेकर प्रयासरत तो है। मगर, जागरूकता के अभाव में इसको लेकर चल रही योजनाएं रफ्तार नहीं पकड़ रहीं।

जनसंख्या नियंत्रण को लेकर पुरुष गंभीर नहीं

जनसंख्या नियंत्रण में भागीदारी का श्रेय आधी आबादी को जाता है, जबकि इसको लेकर पुरुष गंभीर नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल 7844 महिला और 53 पुरुष नसबंदी का लक्ष्य निर्धारित था। इसके सापेक्ष कोरोना के कारण गत वर्ष 6132 महिला एवं 43 पुरुषों ने नसबंदी कराई। उधर, 8478 महिलाओं के सापेक्ष सिर्फ 5115 ने ही अंतरा इंजेक्शन लगवाया।
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31 तक चलेगा जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा
नसबंदी कार्यक्रम देख रहीं साफिया जमीन बताती हैं कि 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस है। इस दिन से जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा शुरू होगा, जो 31 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान जागरूकता कार्यक्रम और विचार गोष्ठियां होंगी। जनसंख्या वृद्धि से होने वाली समस्याओं और परिवार नियोजन के आसान उपायों की जानकारी दी जाएगी। मुख्य रूप से नसबंदी को लेकर पुरुषों का भ्रम दूर कर उन्हें इसके लिए प्रेरित किया जाएगा।

परिवार नियोजन

  • महिला नसबंदी का लक्ष्य-7844
  • महिलाओं की हुई नसबंदी- 6132
  • पुरुष नसबंदी का लक्ष्य-53
  • पुरुषों की हुई नसबंदी- 43
  • अंतरा इंजेक्शन लगाने का लक्ष्य-8478
  • महिलाओं ने लगवाया-5115
  • कॉपर टी का लक्ष्य-6572
  • महिलाओं ने लगवाई-13818
  • प्रसव बाद कॉपर टी लगवाने का लक्ष्य- 6742
  • महिलाओं ने लगवाई-12896
  • जिले की प्रजनन दर-3.9 (एक दंपति के औसतन चार बच्चे)

परिवार नियोजन विधियां

नसबंदी, प्रसव पश्चात कॉपर टी, सामान्य तौर पर लगने वाली कॉपर टी, अंतरा इंजेक्शन (हर तीन माह पर लगने वाला इंजेक्शन, जिसे लगवाने वाली महिला को सरकार की ओर से सौ रुपये दिए जाते हैं), छाया गोली, माला एन, कंडोम (पुरुषों के लिए)।

परिवार नियोजन का पूरा होगा लक्ष्य

एसीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार का कहना है कि पिछले साल कोरोना के कारण परिवार नियोजन कार्यक्रम को गति नहीं मिली। मगर, इस बार निर्धारित लक्ष्य पूरा होगा। इसकी तैयारियां चल रही हैं। इस बार पुरुष नसबंदी बढ़ाने पर ज्यादा जोर रहेगा।
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