समयावधि से डेढ़ घंटा देरी से पहुंचने से नाराज सपा कार्यकर्ताओं ने नायब तहसीलदार से देर से आने का कारण पूछ लिया। इससे नाराज नायब तहसीलदार और सपा विधायक प्रतिनिधि में काफी नोकझोंक हुई। मामला तूल पकड़ता देख नायब तहसीलदार ने माफी मांग कर वहां मौजूद लोगों को शांत कराया। उसके बाद चेक वितरण शुरू हो सका।
ब्लाक सभागार में ओलावृष्टि और बरसात से तबाह हुई फसलों के मुआवजे की चेकों का वितरण होना था। तहसील प्रशासन ने चेक वितरण के लिए दोपहर 11 बजे का समय किसानों और जनप्रतिनिधियों को दिया था। करीब 11.15 मिनट पर सपा विधायक प्रतिनिधि राकेश बाथम ब्लाक सभागार पहुंचे। वहां पहले से ही किसान चिलचिलाती धूप में बैठकर इंतजार कर रहे थे। आरोप है कि वहां राजस्व विभाग का कोई भी कर्मचारी नहीं मिला। काफी इंतजार के बाद भी जब कोई नहीं पहुंचा तो उन्होंने तहसीलदार को फोन लगाया। तहसीलदार ने नायब तहसीलदार को भेजने की बात कह कर फोन काट दिया। करीब डेढ़ घंटे विलंब से पहुंचे नायब तहसीलदार से जब देर से आने का कारण सपा कार्यकर्ताओं ने पूछा तो गुस्सा हो गए। आरोप है कि दोनों पक्षों में नोकझाेंक के बाद वहां मौजूद किसान और अन्य लोगों ने मामला शांत कराया। सपा कार्यकर्ताओं ने बताया कि नायब के माफी मांगने के बाद ही चेक वितरण का कार्य शुरू हुआ।
इस बाबत विधायक प्रतिनिधि राकेश बाथम ने बताया कि मुख्यमंत्री का सख्त निर्देश है कि चेक वितरण विधायक ही करेंगे। विधायक का स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण उन्होंने मुझे भेजा था। मंगलवार को बीएलओ की बैठक बुलाई थी। उसमें भी नायब तहसीलदार देर से पहुंचे थे। दो घंटे इंतजार करने के बाद हंगामा कर चले गए थे। तहसील अधिकारियों की शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी।
नायब तहसीलदार रामनरायन ने बताया कि यह सच है कि मैं देर से पहुंचा था। आपस में कुछ कहासुनी हुई थी। उसके बाद चेक वितरण का कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से कराया गया है।