दो खेमों में बंटे सपाई, सोशल मीडिया पर छिड़ी रार
अखिलेश और शिवपाल के टकराव से कई का कैरियर डगमगाया
समाजवादी पार्टी में पिता-पुत्र और चाचाओं के बीच छिड़े संग्राम का असर स्थानीय स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। सोमवार को लखनऊ में पल पल बदल रहे राजनीतिक घटनाक्रम पर लोगों की निगाहें टिकी रहीं। लेकिन खास यह रहा कि जिले के सपा नेता कुछ बोलने को तैयार न हुए। बहुत कुरेदने पर बस यही सुनने को मिला कि नेता जी सब संभाल लेंगे।
सोशल मीडिया पर सपा में चल रहे घमासान को लेकर दिनभर बहस होती रही। सपा समर्थकों में अखिलेश का पलड़ा भारी रहा तो अन्य पार्टी के समर्थक पार्टी को खत्म मान रहे हैं। सूत्रों की माने तो शिवपाल सिंह के प्रदेश अध्यक्ष बनते ही एक धड़ा अपनी अलग ही खिचड़ी पकाने लगा था। वहीं दूसरे खेमे के लोग अखिलेश की साफ सुथरी छवि पर दांव लगाते थम नहीं रहे थे। फिलहाल इस लड़ाई के चलते टिकट के लिए दावा ठोक रहे नेताओं को अपने अरमान दरकते नजर रहे हैं।
उठापटक सत्ता में होती रहती है। सपा के नेता मुलायम सिंह हैं, जिनके निर्देश पर पार्टी कार्यकर्ता चुनाव लड़ेंगे।
केजी पटेल, विधायक, सपा
जनता की गाढ़ी कमाई के पैसे के बंदरबाट को लेकर युद्ध छिड़ा है, जिसने सपा को अंत तक पहुंचा दिया है। सरकार अल्पमत में आ चुकी है।
शमशेर बहादुर, विधायक, बसपा
सपा पहले से ही हाशिए पर थी। अब पैसे के बटवारे को लेकर झगड़ा शुरू हो गया है।
रोमी साहनी, विधायक/भाजपा नेता