करसौर में सोनू का शव मिलने के बाद जुटे लोग। स्रोत: ग्राम प्रधान
बिजुआ/भीरा। शारदा नदी के बेल्हा सिकटिहा घाट पर नाव पलटने के 48 घंटे बाद शनिवार को लापता सोनू का शव मिल गया, जबकि कल्लू की तलाश तीसरे दिन भी जारी रही। एनडीआरएफ की तीन टीमें मोटरबोट और आधुनिक उपकरणों से लगातार सर्च अभियान चलाती रहीं।
बृहस्पतिवार शाम करीब पांच बजे दूध लेकर नदी पार कर रहे लोगों से भरी नाव पलट गई थी। नाव पर नौ लोग सवार थे। हादसे में सात लोग तैरकर बाहर निकल आए, जबकि करसौर निवासी सोनू और गंगाबेहड़ निवासी कल्लू लापता हो गए थे।
लगातार 48 घंटे की तलाश के बाद एनडीआरएफ ने ग्रंट नंबर-12 के पास घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर पूर्व दिशा में करसौर में सोनू का शव तलाश लिया। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए भेज दिया। दूसरी ओर, एनडीआरएफ की तीन टीमों के करीब 30 जवान अब तक करीब 120 किलोमीटर क्षेत्र में नदी के किनारों, संभावित स्थानों और गहरे हिस्सों में तलाश कर चुके हैं, लेकिन कल्लू का कोई सुराग नहीं मिला।
भीरा में कल्लू के पिता रऊफ लगातार शारदा किनारे बेटे के लौटने की आस लगाए बैठे हैं। वह एनडीआरएफ जवानों से बार-बार बेटे को तलाशने की गुहार लगा रहे हैं। बेटे का शव मिलने के बाद सोनू के परिवार का इंतजार खत्म हो गया, लेकिन कल्लू के परिवार की उम्मीदें अब भी शारदा की लहरों से जुड़ी हैं।
एसडीएम युगांतर त्रिपाठी ने बताया कि दूसरे लापता युवक के मिलने तक सर्च अभियान जारी रहेगा।
करसौर में सोनू का शव मिलने के बाद जुटे लोग। स्रोत: ग्राम प्रधान