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Lakhimpur Kheri News: कहीं संकेतक नहीं तो कहीं रोड खराब... जिम्मेदारों की अनदेखी से बढ़े हादसे

Sun, 01 Feb 2026 11:05 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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बरबर क्षेत्र में इस खराब सड़क की वजह से आए दिन होते हैं हादसे। संवाद
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लखीमपुर खीरी। जिले में दो दिन पहले 24 घंटे के अंदर दो बड़ी दुर्घटनाएं होना जिम्मेदारों की अनदेखी का नतीजा है। मोहम्मदी-पुवायां रोड समतल न होने से गन्ना भरा ट्रक पलटा था, जबकि ओयल में अंधे मोड़ पर संकेतक सहित अन्य सुरक्षा इंतजामों का न होना हादसों का कारण बताया जा रहा है।
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गंभीर लापरवाही सिर्फ मोहम्मदी व ओयल में ही नहीं, बल्कि पूरे जिले का यही हाल है। पड़ताल में पाया गया कि निघासन, पलिया, गोला, मैगलगंज, रमियाबेहड़, धौरहरा, बेहजम, अलीगंज, बरबर आदि क्षेत्रों में अंधे मोड़ पर संकेतक न होने व सड़क खराब होने से भी कई हादसे हुए हैं। मोहम्मदी-पुवायां मार्ग पर शीतलापुर से सुआताली मोड़ तक करीब 500 मीटर से अधिक दूर तक सड़क समतल नहीं है।
सड़क का आधा हिस्सा ऊंचा व आधा नीचा है। इसी वजह से बृहस्पतिवार को एक गन्ने से भरा ट्रक 19 बच्चों से भरे वाहन पर पलट गया था। गनीमत रही कि कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। यहां हादसा कोई पहली बार नहीं, इससे पहले भी कई ट्रक व अन्य वाहन पलट चुके हैं, जबकि यह एरिया भीड़-भाड़ वाला है।
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बरबर-मोहम्मदी मार्ग पर सेमराजानीपुर मोड़ पर कोई संकेतक न होने से घटनाएं होती हैं। विराट ऑटो पार्ट्स से पहले मोड़ के पास सड़क खराब है। मझगईं के बेला में तीव्र मोड़ पर कोई संकेतक नहीं और दोनों झाड़ियां भी उगी हैं। एक किलो दायरे में रोजाना हादसे होते हैं। कईयों की मौत भी हो चुकी है। नौगवा कस्बे में बस स्टाफ व डॉ. रामानंद चौराहे के पास सड़क पर काफी गढ्ढे हैं।
ओयल में लखीमपुर-सीतापुर हाईवे पर ओयल चौकी से पहले अंधे मोड़ पर संकेतक सहित कोई भी सुरक्षा इंतजार नहीं है। इसकी वजह से ही शुक्रवार को गन्ना लदा ट्रक ट्राली में टक्कर के बाद पलट गया था, जिसमें एक युवक की मौत हो गई थी।
पांच माह पहले एक कार डिवाइडर से टकराने पर तीन लोगों की मौत हो गई थी। इससे पहले कार सवार युवक की जान अंधे मोड़ ने ले ली थी। ओयल कस्बे में बेहजम मोड़ तिराहा भी हादसों का प्वाइंट है। यहां पर भी कोई संकेतक नहीं है। आए दिन लोग हादसों का शिकार होते हैं लेकिन लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार कानों पर जून तक नहीं रेंगती। तीव्र मोड़ पर आधा दर्जन दुकानें व कुछ मकान, जिनको हमेशा खतरा बना रहता है।

दुर्घटनाओं का केंद्र बना केशवापुर क्षेत्र
केशवापुर। नेशनल हाईवे 730 पर करनपुर से गोला तक कोई संकेतक नहीं है। इससे करनपुर में खजुहा मोड़, सौंठन मोड़, केशवापुर चौराहा, बख्खारी, भल्लिया, खम्हौल, रजौरा व जलालपुर मोड़ व कोटवारा मोड़ दुर्घटनाओं के केंद्र बने हुए हैं। आए दिन दुर्घटना होती हैं, लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं देते। हालांकि, गोला पुलिस ने करनपुर व केशवापुर में ड्रम रखकर हादसों को रोकने का प्रयास किया है। संवाद

ओयल चौकी से पहले अंधे मोड़ पर कोई संकेतक नहीं लगाए गए हैं, जिसकी वजह से यहां पर आए दिन हादसे होते हैं। हादसों में कइयों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।
-दिनेश बिहारी, मोहल्ला एकता नगर
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संकेतक लगाए जाए, ताकि लखीमपुर से आने वाले वाहन चालकों को अंधे मोड़ की जानकारी हो सके। 6 माह पहले यहां दो बड़े हादसे हो चुके हैं, जिसमें चार की जान गई है।

-वेद प्रकाश, मोहल्ला एकता, ओयल

बरबर क्षेत्र में इस खराब सड़क की वजह से आए दिन होते हैं हादसे। संवाद

बरबर क्षेत्र में इस खराब सड़क की वजह से आए दिन होते हैं हादसे। संवाद

बरबर क्षेत्र में इस खराब सड़क की वजह से आए दिन होते हैं हादसे। संवाद

बरबर क्षेत्र में इस खराब सड़क की वजह से आए दिन होते हैं हादसे। संवाद

बरबर क्षेत्र में इस खराब सड़क की वजह से आए दिन होते हैं हादसे। संवाद

बरबर क्षेत्र में इस खराब सड़क की वजह से आए दिन होते हैं हादसे। संवाद

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