लोगों को कर्जा माफ, बिजली बिल हाफ नारे ने खूब लुभाया
किसान मांगपत्र भरवाने से कांग्रेस के पक्ष में बना माहौल
जिले में खासी चर्चा में रही राहुल गांधी की खाट सभा में खासी भीड़ भी जुटी। यह भीड़ वोट में तब्दील हो पाएगी, यह कहना अभी बहुत मुश्किल है, लेकिन माहौल बनता जरूर नजर आ रहा है। कांग्रेसियों में कुछ तो आस जगी है। ओयल में हुई खाट सभा के जरिए राहुल ने किसानों की दुखती रगों पर हाथ रखा। कर्जा माफ और बिजली बिल हाफ के नारे से किसानों को लुभाने का प्रयास हुआ। इस नारे का असर भी दिखा। दूसरे दलों में इस नारे को लेकर जिस तरह खलबली है, उससे भी इसका असर बढ़ा है।
वर्ष 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस ने कर्जा माफी का वादा किया था, जिसे पूरा भी किया। इससे लोगों में कर्ज माफी के प्रति विश्वास जमा है। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि कर्ज माफ, बिजली बिल माफ का नारा कांग्रेस के पक्ष में वोट बटोरने का काम करेगा। राहुल गांधी की इस सभा के पहले से कांग्रेस कार्यकर्ता कर्ज माफी संबंधी मांगपत्र भरवाने का काम कर रहे हैं। कर्ज यूपी के किसानों की सबसे दुखती रग है।
कांग्रेस पार्टी ने टिकट के दावेदारों के सामने यह शर्त रखी है कि कम से कम 10 हजार किसान मांगपत्र भरवाने वाले दावेदार को ही टिकट देने पर विचार किया जाएगा। इससे हर विधानसभा क्षेत्र में टिकट के दावेदारों ने गांव-गांव जाकर किसान मांगपत्र भरवाने में पूरी जान लगा दी। इसका फायदा यह हुआ कि कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी की नीतियों को गांव-गांव तक पहुंचाने में कामयाब रहे। कांग्रेस का पहले चरण का जनसंपर्क भी पूरा हो गया।
......
पूर्व सांसद जफर अली नकवी का कहना है कि 27 साल में बदहाल हुए यूपी में इस समय कांग्रेस के पक्ष में जो माहौल बना है इससे निश्चित रूप से पार्टी के पक्ष में अच्छे परिणाम आएंगे।
.....
पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद का कहना है। सपा, बसपा और भाजपा के शासन काल में जनता को जिन मुसीबतों का सामना करना पड़ा उससे आम लोग उकता चुके हैं। ऐसे में राहुल गांधी से जनता ने बड़ी उम्मीदें लगा रखी हैं। राहुल की जनसभा के बाद कांग्रेस के पक्ष में अच्छा माहौल बना है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राघवेंद्र बहादुर सिंह और पूर्व मंत्री माया प्रसाद का भी कुछ ऐसा ही मानना है।