लखीमपुर खीरी। दशहरा मेला के सांस्कृतिक मंच पर ऑल इंडिया मुशायरे का आयोजन किया किया गया। नामचीन शायरों की नज़्मों और गजलों ने फिजा को महका दिया और श्रोताओं ने वाह-वाह के तराने बिखेर दिए।
शायर डॉ. हिलाल बदायूंनी ने मुशायरे के निजामत की और पढ़ा कि प्यासा रह के भी कोई जिंदा है, पानी पीपी के मर गया कोई।
मध्य प्रदेश मालेगांव से पहुंचे शायर अल्ताफ जिया ने पढ़ा कि यह फिक्र तुझे चैन से सोने नहीं देगी, अब कौन मेरी कौम को बेदार करेगा। शायर विकास सहाय ने नफस नफस है, गुनाहों में तरबतर जिनका, उन्हें भी ख्वाब में जन्नत दिखाई देती है पढ़ा। शायर इलियास चिश्ती ने शहर में उसके लिए मैं घर बनाता रह गया और उसके हाथ पीले हो गए हैं गांव में।
शायर अफजल इलाहाबादी ने यही तो देते हैं उड़ने का हौसला अफ़ज़ल, मुख़ालफ़ीन का होना बहुत जरूरी है। पढ़कर तालियां बटोरीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व सांसद व पूर्व मंत्री जफ़र अली नकवी ने की। इस मौके पर पालिका अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव, ईओ संजय कुमार मौजूद रहे। इस दौरान हरियाली और स्वच्छता के क्षेत्र में योगदान के लिए पर्यावरण मित्र समूह के संयोजक विशाल सेठ, राममोहन गुप्त, मयूरी नागर, सपना कक्कड़, पूजा सिंह समेत समाजसेवा और जनसरोकारों से जुड़े सीमाब अहमद, शकील खां, दीपक खरे, राजू खान और रियाज़ अहमद को भी सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मेला अध्यक्ष कौशल तिवारी, मेला अधिकारी समरा सईद, श्वेता शर्मा, देवाशीष मुखर्जी, अमित सोनी, हरि प्रकाश त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
दशहरा मेले के ऑल इंडिया मुशायरे में कलाम पेश करते शायर अल्ताफ जिया।स्रोत: आयोजक
दशहरा मेले के ऑल इंडिया मुशायरे में कलाम पेश करते शायर अल्ताफ जिया।स्रोत: आयोजक
दशहरा मेले के ऑल इंडिया मुशायरे में कलाम पेश करते शायर अल्ताफ जिया।स्रोत: आयोजक
दशहरा मेले के ऑल इंडिया मुशायरे में कलाम पेश करते शायर अल्ताफ जिया।स्रोत: आयोजक
दशहरा मेले के ऑल इंडिया मुशायरे में कलाम पेश करते शायर अल्ताफ जिया।स्रोत: आयोजक