लखीमपुर खीरी। विधानसभा चुनाव में जिले के आठ विधानसभा क्षेत्रों से अपना भाग्य आजमा रहे 65 उम्मीदवारों में कुछ तो उच्च शिक्षित हैं, जबकि कुछ ऐसे भी हैं जो केवल हस्ताक्षर करना जानते हैं। राजनीतिक पार्टियों के लिहाज से देखा जाए तो भाजपा के लगभग सभी उम्मीदवार उच्च शिक्षित हैं वहीं, सपा और बसपा में पढ़े-लिखे उम्मीदवारों की संख्या कम है। कुछ उच्च शिक्षित निर्दलीय उम्मीदवार भी इस चुनाव में भाग्य आजमा रहे हैं।
पलिया से भाजपा उम्मीदवार रोमी साहनी स्नातक हैं तो निघासन के भाजपा प्रत्याशी शशांक वर्मा ने इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल कर रखी है। धौरहरा के भाजपा उम्मीदवार विनोद शंकर अवस्थी एमए पास हैं और धर्मसभा इंटर कॉलेज में अंग्रेजी के प्रवक्ता रहे हैं। गोला से भाजपा प्रत्याशी अरविंद गिरि की शिक्षा बीए, बीपीएड है तो श्रीनगर प्रत्याशी मंजू त्यागी एमए बीएड तक शिक्षित है। लखीमपुर के भाजपा उम्मीदवार योगेश वर्मा एमए पास हैं। उन्होंने छात्र राजनीति से अपनी सियासत की शुरुआत की थी। कस्ता से भाजपा के टिकट पर विधायकी की दौड़ में शामिल सौरभ सिंह सोनू व मोहम्मदी के भाजपा उम्मीदवार लोकेंद्र प्रताप सिंह विधि स्नातक हैं। लोकेंद्र विधायक बनने से पहले वकालत करते थे।
सपा में दो प्रत्याशियों को छोड़ सबकी शिक्षा स्नातक से नीचे
सपा के उम्मीदवारों पर नजर डालें तो पलिया से सपा प्रत्याशी प्रीतइंदर सिंह महज साक्षर हैं। निघासन से सपा प्रत्याशी आरएस कुशवाहा ने पॉलिटेक्नीक से डिप्लोमा हासिल कर रखा है। गोला के सपा उम्मीदवार विनय तिवारी सिर्फ इंटरमीडिएट पास हैं। श्रीनगर के सपा प्रत्याशी रामसरन बीकॉम हैं। लखीमपुर के सपा प्रत्याशी उत्कर्ष वर्मा ने प्रबंधन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कर रखा है। धौरहरा के सपा उम्मीदवार वरुण चौधरी भी मात्र इंटरमीडिएट पास हैं। जबकि कस्ता से सुनील कुमार भार्गव महज हाईस्कूल हैं। हाईस्कूल परीक्षा भी उन्होंने एक बार विधायक बनने के बाद 2018 में पास की। मोहम्मदी के सपा प्रत्याशी दाउद अहमद भी सिर्फ हाईस्कूल तक पढ़े हैं।
बसपा में शकील, मीरा सिर्फ साक्षर, तो कुछ प्रत्याशी पढ़े लिखे
बसपा के मोहम्मदी से उम्मीदवार शकील सिद्दीकी और श्रीनगर की प्रत्याशी मीरा बानो सिर्फ साक्षर हैं। निघासन से बसपा उम्मीदवार आरए उस्मानी भोपाल के बरकुतल्ला विश्वविद्याय से पीएचडी हैं। पलिया के जाकिर हुसैन बीयूएमएस हैं। धौरहरा के बसपा उम्मीदवार आनंद मोहन त्रिवेदी एमए एलएलबी हैं। गोला से बसपा प्रत्याशी भी उच्च शिक्षित हैं। वह इतिहास से एमए हैं। कस्ता की बसपा उम्मीदवार हेमवती राज परास्नातक हैं। वहीं लखीमपुर से बसपा प्रत्याशी मोहन बाजपेई की शैक्षिक योग्यता सिर्फ हाईस्कूल है।
कांग्रेस के कुछ उम्मीदवार उच्च शिक्षित तो कई सिर्फ साक्षर
कांग्रेस उम्मीदवारों में एक दो को छोड़कर अधिकांश अल्प शिक्षित या साक्षर हैं। लखीमपुर से कांग्रेस उम्मीदवार डॉ. रवि शंकर त्रिवेदी एमबीबीएस, एमडी हैं तो गोला से कांग्रेस उम्मीदवार प्रह्लाद पटेल भी स्नातक हैं। निघासन के कांग्रेस प्रत्याशी अटल शुक्ला विधि स्नातक हैं। धौरहरा की कांग्रेस उम्मीदवार जितेंद्री देवी सिर्फ कक्षा आठ तक पढ़ी हैं। पलिया से कांग्रेस प्रत्याशी रिसाल अहमद की शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट है। मोहम्मदी से कांग्रेस उम्मीदवार रितु सिंह केवल कक्षा पांच पास है। कस्ता के कांग्रेस प्रत्याशी राधेश्याम स्नातक हैं तो श्रीनगर से कांग्रेस उम्मीदवार चांदनी को सिर्फ हस्ताक्षर करना आता है। वह बिल्कुल पढ़ी लिखी नहीं हैं।
निर्दलीय उम्मीदवारों में अधिकतर निरक्षर
गोला से निर्दलीय उम्मीदवार सिद्धार्थ शुक्ला एमबीए हैं, तो नरेश सिंह भदौरिया बीए एलएलबी व पेशे से वकील। निघासन से निर्दलीय उम्मीदवार चंद्र प्रताप हैं तो बीकॉम पास, लेकिन मजदूरी करके अपना परिवार चलाते हैं। मोहम्मदी से विधायकी की दौड़ में शामिल रूपराम सिर्फ साक्षर हैं। श्रीनगर से निर्दलीय उम्मीदवार प्रशांत वर्मा एमए एलएलबी हैं और यही से निर्दलीय उम्मीदवार महावीर सिंह अनपढ़ हैं। बस किसी तरह हस्ताक्षर बना लेते हैं।