लखीमपुर खीरी। केंद्र सरकार के बजट में भले ही किसानों को कुछ खास नहीं मिला, लेकिन यूपी बजट में किसानों के लिए काफी सौगातें दी गई हैं। सिंचाई के लिए सोलर पंप, एफपीओ के माध्यम से किसानों का उत्थान, बेहतर पशु चिकित्सा व्यवस्था, पशुओं का संरक्षण, चीनी मिलों के अवशेष गन्ना भुगतान, केसीसी, एग्री एक्सपोर्ट हब आदि के लिए बजट में प्रावधान किया गया है।
जिले में करीब सात लाख किसान हैं, जिनमें तीन लाख से अधिक गन्ना किसान हैं। किसानों के लिए सरकार समय-समय पर योजनाएं संचालित करती है और उनका लाभ सीधे किसानों को मिलता है। अब यूपी सरकार के आम बजट में किसानों को कई सौगातें दी गई हैं। जिले में अब तक 1500 से 2000 किसानों को सोलर पंप का लाभ दिया जा चुका है। किसान पंप का लाभ पाना चाहते हैं, लेकिन लक्ष्य निर्धारित न होने से कई किसानों को लाभ नहीं मिल पाता। अब सरकार ने बजट में प्रावधान किया है कि जरूरतमंद सभी किसानों को इसका लाभ दिया जाएगा।
वर्तमान में जिले के किसान डीजल व बिजली से सिंचाई पर निर्भर हैं। बिजली की कमी से सिंचाई प्रभावित होती है और डीजल से सिंचाई करने पर लागत बढ़ जाती है। ऐसे में सरकार ने विकल्प के रूप में सोलर पंप को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है, ताकि अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके।
एफपीओ की बढ़ेगी संख्या-
जिले में वर्तमान में 66 एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) कार्यरत हैं। इनके माध्यम से किसान विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार से जुड़कर अपनी आय बढ़ा रहे हैं। अभी तक एफपीओ को आवश्यकता के अनुसार फंड नहीं मिल पाता था, लेकिन अब सरकार ने रिवॉल्विंग फंड योजना के तहत बजट का प्रावधान किया है, जिससे जिले में कार्यरत एफपीओ विस्तार कर सकेंगे और उनसे जुड़े किसानों को लाभ मिलेगा। सरकार ने गन्ना भुगतान के लिए भी अलग से बजट का प्रावधान किया है।
निजी नलकूपों को मुफ्त बिजली-
जिले के कई किसान निजी नलकूपों से सिंचाई करते हैं। किसानों को पहले से ही निजी नलकूपों के लिए मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है। अब सरकार ने बजट जारी कर यह सुनिश्चित किया है कि आने वाले दिनों में भी किसानों को मुफ्त बिजली का लाभ मिलता रहेगा।
बढ़ेंगी गोशालाएं, संरक्षित होंगे छुट्टा पशु-
जिले में 145 से अधिक गोशालाएं हैं, जिनमें 35 हजार से अधिक पशु संरक्षित हैं। इसके बावजूद कई पशु छुट्टा घूमते हैं। यूपी सरकार ने वृहद गो- संरक्षण केंद्रों के निर्माण के लिए बजट दिया है। उम्मीद है कि अब जिले में गो- संरक्षण केंद्रों की संख्या बढ़ेगी, जिससे अधिक पशु संरक्षित हो सकेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री सहभागिता योजना व पोषण मिशन योजना के लिए भी बजट का प्रावधान किया गया है। साथ ही पशुओं के बेहतर इलाज की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।