भट्ठे से नौकरी छोड़ी तो तोड़ डाला पैर
धौरहरा के गांव पिपरिया का मामला
लखीमपुर खीरी। धौरहरा कोतवाली क्षेत्र के गांव पिपरिया निवासी एक मजदूर की दबंग भट्ठा मालिक ने अपने पुत्रों की मदद से जमकर पिटाई कर दी, जिसमें लोहे की राड के प्रहार से मजदूर का एक पैर कई जगह से टूट गया। जबकि दूसरे पैर में भी गंभीर चोटें आई हैं। इस मामले में धौरहरा कोतवाली पुलिस ने आरोपी भट्टा मालिक और उसके पुत्रों के खिलाफ मामूली धाराओं में एनसीआर दर्ज कर पल्ला झाड़ लिया। जबकि घायल मजदूर जिला अस्पताल में भर्ती है। मजदूर को गंभीर रूप से घायल करने वाले दबंग खुलेआम घूम रहे हैं और पुलिस सात साल से कम सजा होने के नाम पर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है और न ही उनसे पूछताछ की है।
पिपरिया गांव निवासी मुख्तियार अहमद ने बताया कि हसमत के ईंट भट्ठे पर 2002 से मुनीम की नौकरी कर रहा था। जरूरत पड़ने पर उसने पैसा मांगा, तो भट्ठा मालिक ने देने से इंकार कर दिया। इसके बाद मुख्तियार ने दूसरे भट्टा स्वामी मुशीर से सीमेंट-सरिया उधार ले ली। फिर उसी के यहां नौकरी भी करने लगा। आरोप है कि इससे भट्ठा मालिक हसमत नाराज हो गया। 10 अप्रैल 2016 को मुख्तियार अपनी रिश्तेदारी से लौट रहा था, तो रास्ते में रंजीतगंज बाजार के पास हसमत और उसके पुत्र हुरमत एवं हिकमत ने रोक लिया। फिर तीनों ने मिलकर मुख्तियार की लोहे की राड से पिटाई कर दी। मुख्तियार के पैरों पर लोहे की राड से कई प्रहार किए, जिससे उसका एक पैर कई जगह से टूट गया। जबकि दूसरे पैर में भी गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस ने मामले में एनसीआर दर्ज कर पल्ला झाड़ लिया है। वहीं पीड़ित जिला अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। उधर, एसओ अमर सिंह ने बताया कि सात साल से कम सजा होने के चलते आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकती है। इसलिए आरोपियों का 151 में चालान किया गया था। इसके बाद एक्स-रे की रिपोर्ट की आधार पर एनसीआर को मारपीट कर पैर तोड़ने के मुकदमे में तरमीम कर दिया गया है। विवेचना की जा रही है।