फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कहीं 900 तो कहीं 1200  रुपये किलो बिका कटरुआ

Sun, 29 May 2016 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
विज्ञापन
कटरुआ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
बांकेगंज में खूब बिका पहली बारिश का कटरुआ
विज्ञापन

मानसून की पहली बारिश होते ही जंगलों में कटरुआ निकल आया है। हालांकि अभी इसकी मात्रा बहुत कम है। रविवार को बांकेगंज मार्केट में कटरुआ 900 रुपये और संसारपुर में 12 सौ रुपये किलो बिका।
विज्ञापन

बांकेगंज। हर साल मानसून की पहली बारिश होने के साथ ही सॉल के घने जंगलों में काफी मात्रा में कटरुआ निकलता है। प्रोटीन से भरपूर कटरुआ एक तरह का मशरूम होता है। कटरुआ खाने के शौकीन पूरे साल बेसब्री से बारिश का इंतजार करते हैं। बारिश चाहे जिस मौसम में हो, लेंकिन कटरुआ केवल वर्षा ऋतु में ही जंगलों में सॉल के पेड़ों के नीचे ही निकलता है। जंगलों में प्राकृतिक रूप से निकलने वाला कटरुआ शाकाहारी वन्यजीवों का भी प्रिय आहार है। इससे पहले  शुरुआती दौर में यह 250 से 400  रुपये किलो तक बिकता था। इस बार कटरुआ के भाव ने रिकार्ड तोड़ दिया। रविवार को कटरुआ 900 रुपये किलो बिका। खाने में स्वादिष्ट और पौष्टिकता से भरपूर कटरुआ देश की प्रमुख मंडियों में अपनी जगह बना चुका है। यहां से यह बरेली, लखनऊ, दिल्ली समेत प्रमुख मंडियों में जाता है और महंगे दामों पर बिकता है। स्थानीय लोगों के लिए यह रोजगार का अच्छा साधन है। हालांकि वन विभाग जंगल में प्रवेश की इजाजत नहीं देता। इसके बावजूद लोग चोरी-छिपे जंगल से कटरुआ बीनकर प्रतिदिन एक से डेढ़ हजार रुपये कमा लेते है।
विज्ञापन

संसारपुर।  बांकेगंज ब्लाक की ग्राम पंचायत संसारपुर की बाजार में कटरुआ आना शुरू हो गया है। यहां रविवार को यह 1200 रुपये किलो तक बिका। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें